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धनबाद : कृष्णा प्लाजा में लगी भीषण आग पर 5 घंटे बाद पाया गया काबू, 20 परिवारों का किया गया रेस्क्यू

Dhanbad: बैंक मोड़ क्षेत्र से लगे मटकुरिया रोड स्थित श्री कृष्णा प्लाजा में मंगलवार सुबह करीब नौ बजे लगी आग पर 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पा लिया गया है. अग्निशमन विभाग धनबाद के कर्मचारियों और पुलिस ने मिलकर पांच घंटे से ज्यादा समय तक बचाव एवं राहत अभियान चलाया. दोपहर दो बजे के बाद आग पर काबू पाया गया. आग बुझाने में 8 दमकल लगे थे. राहत की बात यह रही कि आग से एक भी आदमी की जान नहीं गई. अंदर बीस फ्लैट में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. बच्चों और महिलाओं को खिड़कियों और बालकनी का शीशा तोड़कर रस्सी और सीढ़ियों के सहारे बाहर निकाला गया,

जानकारी के मुताबिक, अपार्टमेंट के फर्स्ट फ्लोर पर सुबह 9 बजे मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कार्यालय में आग लग गई. इसके बाद देखते ही देखते पूरा श्री कृष्णा प्लाजा अपार्टमेंट में फैलता चला गया. पूरा श्रीकृष्णा प्लाजा धुआं-धुआं हो गया. फ्लैट्स के अंदर रहने वाले परिवारों ने पहले सोचा की आग बुझ जाएगी. इस कारण लोग फ्लैट्स के अंदर से बाहर नहीं निकले. आग को बुझाने के लिए बिजली काट दी गई. इस कारण लिफ्ट भी बंद हो गया. धीरे-धीरे फ्लैट्स के अंदर जहरीला धुआं भरने लगा. इसके बाद लोग बचाने के लिए चिल्लाने लगे. महिलाएं और बच्चे अंदर फंस गए.

 

ये आग इतनी भीषण थी कि पूरा बैंक मोड़ धुआं-धुआं हो गया. भीषण आग के कारण मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के कार्यालय में रखें कागजात और फर्नीचर पूरी तरह चपेट में आ गए. आग लगते ही आवासीय परिसर में रहने वाले लोग सकते में आ गए. आग और धुआं की लपटें ऊंची-ऊंची उठने लगी. इसके बाद आवासीय फ्लैट्स में रहने वाले लोग जान बचाने के लिए भागने लगे. कुछ लोग भागकर फ्लैट्स के बाहर सड़क पर आ गए. कुछ अंदर ही फंस गए. अंदर फंसे लोगों को बचाने के लिए दमकल कर्मचारियों को भारी जद्दोजहद करना पड़ा.

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आग के दौरान फ्लैट्स के अंदर 20 से ज्यादा महिलाएं और बच्चे फंस गए थे. इनकी जान पर बन आई. सभी अंदर से बचाने के लिए आवाज दे रहे थे. फायर ब्रिगेड ने बचाव अभियान चलाते हुए बाहर निकाला. खिड़कियों को तोड़कर सीढ़ियों के सहारे बच्चे और महिलाओं को बचाया गया.

 

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 घटना के बाद खड़ हुए सवाल

 

इतनी बड़ी घटना के बाद प्रशासन पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं. आरोप है कि नियम को ताक पर रख कर इस अपार्टमेंट का निर्माण किया गया. इस निर्माण के वक्त नगर-निगम कहां थी. आखिर 8 फीट की सड़क पर अपार्टमेंट कैस बना. इन तमाम सवालो के जवाब प्रशासन को देने होंगे.

 

 रेस्क्यू के बाद श्वेता ने सुनाई आपबीती कहा-मां दुर्गा की कृपा से बची

रेस्क्यू के बाद श्वेता चौहान ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि सुबह के 9 बज रहे थे. मैं अपनी किचन में काम कर रही थी. सुबह का पूजा हो गया था. अचानक लिफ्ट की ओर से तेज धुंआ निकलने लगा, लेकिन कुछ समझ नहीं आया कि आखिर क्या हो रहा है. इसके बारे में घर के सदस्यों को अवगत करा रही थी. लेकिन देखते ही देखते जहरीला धुआं चारों ओर फैले लगा. सांस लेने में तकलीफ होने लगी. इसके बाद पूरे अपार्टमेंट में हो-हल्ला शुरू हो गया. तब पता चला कि कहीं आग लग गई है. लेकिन बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया. कुछ समझ में आने नहीं लगा. इसके बाद परिवार के सभी सदस्यों को एक कमरे में ले कर चली गई. छोटी बेटी हिमाद्रि चौहान भी काफी परेशान होने लगी. इसके बाद लगभग 2 घंटे तक हम लोग अपार्टमेंट में ही फंसे रहे. बाहर से दरवाजा बंद कर दिया था. इसके बाद में कमरे में धुआं आता रहा.

श्वेता ने बताया कि एक समय लगा अब हम लोगों की जान नहीं बच पाएगी. हम सभी मां दुर्गा की आराधना करने लगे. इसके बाद फायर ब्रिगेड के लोग भी अपार्टमेंट तक पहुंचे. सभी लोग बालकोनी में पहुंच गए और यहां पर शीशा तोड़ने. इसके बाद फायर ब्रिगेड के लोग सहायता के लिए पहुंचे. कमरे में भी काफी धुआं भर गया था कुछ सही से दिखाई नहीं दे रहा था. सांसे भी ठीक से नहीं चल पा रही थी. इसके बाद हम सभी को बचा लिया गया. यह मां दुर्गा की कृपा है. बता दें कि रेस्क्यू में श्वेता की बेटी हिमाद्री चौहान और 60 वर्षीय सास भी निकाली गई है. फिलहाल सभी सुरक्षित हैं.

 

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