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धनबाद के किसान सूखे की मार झेलने को मजबूर, राहत के नहीं दिखते कोई आसार

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Dhanbad : बरसात के मौसम में पर्याप्त वर्षा नहीं होने से जिले के किसानों की हालत खराब हो गयी है. धान की कम पैदावार या यूं कहें कि सुखाड़ ने जीविका चलाने की चुनौती खड़ी कर दी है. राज्य में इस बार कम वर्षा के कारण धान की खेती अच्छी नहीं हुई है. जिससे किसानों के लिए धान बेच कर लाभ कमाना या कर्ज चुकाना तो दूर, दो वक्‍त की भोजन की चिंता है. ठीक ऐसा ही हाल कोयलांचाल के किसानों का भी है. क्योंकि यहां के किसान अब भी फसल की सिंचाई के लिए लोग मुख्य रूप से वर्षा पर ही निर्भर हैं. इसका खामियाजा इस बार किसानों को भुगतना पड़ रहा है.

129 प्रखंडों को किया जा चुका है सूखाग्रस्त घोषित

झारखंड के 18 जिलों के 129 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित कर चुका है. ताकि किसानों को थोड़ी राहत मिल सके. जबकि पूरे धनबाद में सूखा पड़ने के बावजूद केवल टुंडी प्रखंड को ही सूखाग्रस्त घोषित किया गया है. बाकी प्रखंडों में किसानों की हालत बदतर होती जा रही है, लेकिन इनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है. धनबाद के बलियापुर, केलियासोल, गोविंदपुर, टुंडी, पूर्वी टुंडी, तोपचांची आदि प्रखंडों में खेती होती है. लगभग इन सभी प्रखंडों में किसान सूखे की मार झेल रहे हैं.

विधायक कर चुके हैं गोविंदपुर और बलियापुर प्रखंड को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग

22 नवंबर को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सिंदरी विधायक फूलचंद मंडल अपने विधानसभा क्षेत्र के दो प्रखंड गोविंदपुर और बलियापुर के किसानों की स्थिति से अवगत कराते हुए सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग कर चुके हैं. लेकिन अब तक कोई निर्णय इस पर नहीं हुआ है.

किसानों की आय दोगुनी करने के दावों की निकली हवा

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री लगातार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करते रहे हैं. लेकिन उनके सारे दावे यहां फीके पड़ते दिख रहे हैं. किसानों के समक्ष अभाव और तंगी की हालत है. हालत तो ऐसी है कि अब किसान धान के बाद अन्य फसल बुआई करने में सक्षम नहीं लग रहे हैं.

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क्या कहा कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने

केंद्र और राज्य सरकार किसानों को सशक्त बनाने और उनकी आय को बढ़ाने के लिये लगातार कार्य कर रही है. इसके लिए खेत में पानी पहुंचाने, खाद उपलब्ध कराने, तालाब, डोभा, कुआं, बांध आदि के जीर्णोद्धार किया जा रहा है. साथ ही कहा कि भले ही तोपचांची प्रखंड को सूखाग्रस्त घोषित नहीं किया गया है लेकिन सुखाड़ प्रभावित क्षेत्रों को दी जानेवाली सभी योजानाओं का लाभ तोपचांची को भी दिया जायेगा. उक्त बातें मंत्री जी ने रविवार को तोपचांची के फुटबॉल मैदान में किसान चौपाल में कही.

किसानों को कैसे मिलेगी राहत

कई सारे दावों और योजनाओं की घोषणा के बीच एक सवाल अब भी है कि सूखाग्रस्त नहीं घोषित किये गये प्रखंड के किसानों को अभी कैसे मिलेगी राहत.  उनकी कम उपज से बदहाली कैसे दूर होगी. हर साल सूखे की मार झेलने के बावजूद सरकार इससे निपटने की तैयारी पहले क्यों नहीं कर पाती.

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