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धनबाद जिला स्कूल फीस कमेटी गठन से पहले ही हुआ भंग

Dhanbad : उपायुक्त के निर्देश पर निजी स्कूलों के लिए धनबाद जिला स्कूल फीस कमेटी का गठन किया गया था जिसमें कई अनियमितता थी. इसे देखते हुए गठित फिस कमिटी को रद्द कर दिया गया है और फिर से नई कमेटी गठित करने का निर्देश दिया गया है. इस फीस कमिटी अध्यक्ष उपायुक्त होंगे जबकि शिक्षा विभाग के अधिकारी, स्कूल कमेटी और अभिभावक संघ के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. फिस कमेटी गठन में अभिभावक संघ के द्वारा कई अनियमितता की बात कही गई थी इसमें जनप्रतिनिधियों को भी रखना था जो नहीं रखा गया था.

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इसमें यह प्रावधान किया गया है कि निजी स्कूलों की फीस तय करने के लिए स्कूल व जिला स्तर पर कमेटी गठित होगी. स्कूलस्तरीय समिति में अभिभावक भी होंगे. निजी स्कूल 10 फीसद से अधिक शुल्क नहीं बढ़ा सकेंगे. इससे अधिक शुल्क बढ़ाने के लिए उन्हें उपायुक्त की अध्यक्षता वाली जिला कमेटी से अनुमोदन लेना होगा. प्रत्येक निजी स्कूलों की फीस कमेटी होगी. इसमें स्कूल प्रबंधन द्वारा मनोनीत प्रतिनिधि अध्यक्ष, प्राचार्य सचिव, मनोनीत शिक्षक और अभिभावक संघ द्वारा नामित अभिभावक सदस्य होंगे.

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कमेटी के तहत शुल्क के निर्धारण में स्कूल की स्थिति, उपलब्ध शैक्षणिक संरचना, शिक्षकों की संख्या और उन्हें दिए जानेवाले वेतन को ध्यान में रखा जाएगा. स्कूल प्रत्येक वर्ष शुल्क में वृद्धि नहीं कर सकेंगे. यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि कोई स्कूल दस फीसद से अधिक फीस बढ़ाता है तो उसे जिला कमेटी से अनुमोदन लेना होगा. यह जिला कमेटी उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित किया गया है. समिति शुल्क बढ़ाने के विरोध को लेकर अभिभावकों के पक्ष की सुनवाई करेगी.

धनबाद डीईओ प्रबला ख़ेश ने बताया कि कमेटी में कुछ अनियमितता थी जिसे लेकर उपायुक्त के निर्देश पर कमेटी को भंग कर दिया गया है और फिर से कमेटी बनाने की प्रक्रिया चल रही है जिसमें सारी बातों का ध्यान रखा जाएगा.

वहीं इस कमेटी का गठन से स्कूल संचालक भी खुश थे उनका कहना था कि जिस तरह से आए दिन अभिभावकों के साथ स्कूल का विवाद होता रहता है. अब कमेटी जो निर्णय लेगी उसका ही पालन किया जाएगा.

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