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धनबाद :  सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण कार्य धीमा, समय पर पूरा होने में संशय

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना पीएसएसवाई फेज 3 के तहत पीएमसीएच के पास सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का काम काफी धीमी गति से चल रहा है,

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Dhanbad : प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना पीएसएसवाई फेज 3 के तहत पीएमसीएच के पास सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का काम काफी धीमी गति से चल रहा है, प्रधानमंत्री का यह ड्रीम प्रोजेक्ट 8 माह पीछे चल रहा है. भवन बनने के दौरान कुछ स्थानीय लोगों के द्वारा कार्य बाधित कर दिया गया था. मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जिसमें डिसिजन आया कि अस्पताल को जल्द से जल्द बनाया जाये. विवाद को लेकर कार्य रुकने पर 6 माह का एक्सटेंशन देते हुए जस्टिस ने नवंबर 2018 तक काम पूरा करने के लिए डेडलाइन दे दी.

आदेश आने के बाद शुरुआत में संवेदक के द्वारा कार्य काफी तेजी से कराया जा रहा था, लेकिन अचानक कार्य धीमा हो गया. यह जानकारी केंद्र सरकार तक पहुंच जाने पर सरकार ने इस मसले पर नाराजगी जताई है.

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27 एकड़ जमीन पर बनाया जा रहा अस्पताल का भवन

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत 27 एकड़ जमीन पर अस्पताल का निर्माण कराया जा रहा है. अस्पताल में 200 बेड बनाये जा रहे हैं. वार्ड का काम पूरे हो गया है. टाइल्स व मार्बल लगाने का कार्य चल रहा है. अस्पताल पूर्णरूपेण वातानुकूलित होगा. अस्पताल में आठ सुपर स्पेशलिस्ट रोगों के विभाग चलेंगे.

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एक अरब, 67 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है अस्पताल

एक अरब 67 करोड़ की लागत से अस्पताल बनाया जा रहा है.  पीएसएसवाई के तहत मिलने वाली राशि का 85% केंद्र सरकार व 15% राज्य सरकार को वहन करना है. अस्पताल क्वार्टर निर्माण में 80 करोड़ व संसाधन पर खर्च 87 करोड़ रुपए खर्च किये जायेंगे. काम समाप्ति की तिथि 16 दिसंबर 2017 थी.  एचआर बिल्डर के द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है.

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अस्पताल शुरू होने के बाद रोगियों को नहीं जाना होगा बाहर इलाज कराने

अस्पताल शुरू होने के बाद यहां असाध्य रोग से जुड़े तमाम इलाज होंगे. हृदय से संबंधित उपचार एवं ओपन हार्ट सर्जरी, न्यूरो सर्जरी,ऑर्गन ट्रांसप्लांट समेत अन्य रोगों का उपचार होगा.

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क्या कहते हैं पीएसएसवाई के नोडल पदाधिकारी

पीएसएसवाई के नोडल पदाधिकारी डॉ एसके सिन्हा कहते हैं कि कार्य ठीक-ठाक चल रहा था. लेकिन स्थानीय लोगों के द्वारा रुकावट आयी. जिसके कारण दो माह काम रुक गया था, कोर्ट से आदेश मिलने के बाद काम शुरू हो गया है.

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