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धनबादः बिजली संकट पर बिफरे मंत्री सरयू राय, अपनी ही सरकार पर उठाये सवाल

सरयू के निशाने पर सीएम रघुवर दास

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Dhanbad: अक्सर अपनी ही सरकार को खरी-खरी सुनाने वाले राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय के एकबार फिर तेवर तल्ख दिखे. अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहनेवाले मंत्री सरयू गुरुवार को धनबाद दौरे पर हैं. धनबाद के सर्किट हाउस में उन्होंने कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में हिस्सा लिया.

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पूरे सूबे में बिजली की समस्या

सर्किट हाउस में मीडिया से बात करते हुए सरयू राय ने धनबाद में बिजली संकट से जुड़े सवाल पूछे जाने पर सीएम रघुवर दास के विभाग पर निशाना साधा. कहा कि बिजली संकट सिर्फ धनबाद की समस्या नहीं है. जमशेदपुर और रांची में भी इसी कदर लोग प्रभावित हैं. विभाग पिछले तीन सालों में सबसे अधिक सरकार के द्वारा पैसे खर्च किए जाने वाले विभागों में शामिल हो गया है. लेकिन स्थितियां पहले से और खराब हुई हैं.

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सीएम पर निशाना

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि बिजली वितरण और उत्पादन के कार्य में लगी सभी कंपनियां ठेके के खेल में शामिल है. इसको लेकर मैंने कई बार अपनी शिकायत भी दर्ज कराई है. आश्चर्य की बात यह है कि झारखंड सरकार में कुल 33 विभाग है जिसमें 16 विभाग मुख्यमंत्री के पास है और उसमें से बिजली विभाग भी एक है. मुख्यमंत्री के जिम्मेवाले विभाग में भी अगर परेशानी होती है तो बात ही कुछ और है.

उन्होंने यहां तक कहा कि मंत्री का एक पद आज भी खाली है, जो कि कानून संगत नहीं है. मुख्यमंत्री ने एक और विभाग के लिए मंत्री क्यों नहीं नियुक्त किया, यह उनका विशेषाधिकार है. संभव है कि उन्हें लगता है कि वो तमाम विभागों को अन्य लोगों की अपेक्षा बेहतर तरीके से चला सकते हैं. जो कम्पनी जमशेदपुर में ठीक से काम नहीं कर सकी वो यहां क्या करेगी.

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वही पीएमसीएच की व्यवस्था पर सवालिया निशान उठाते हुए उन्होंने कहा कि कहीं ना कहीं स्वास्थ्य विभाग में आपसी समन्वय का अभाव है. हालांकि पीएमसीएच के हड़ताली कर्मियों के बारे में सुनते ही उन्होंने तुरंत स्वास्थ्य सचिव निधि खरे से बात की और पीएमसीएच के लिए रवाना हो गये.

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