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धनबाद : सड़क चौड़ीकरण के नाम पर 8322 पेड़ों का सफाया, वन विभाग उदासीन 

Dhanbad : धनबाद में सौंदर्यीकरण का कार्य इन दिनों तेजी से चल रहा हैं  लोगों के बीच चर्चा है कि धनबाद बदल रहा है. लेकिन पर्यावरण को दरकिनार कर किया जा रहा बदलाव आने वाले दिनों में कोयलांचल धनबाद और उसके आसपास के क्षेत्रों के लिए परेशानी का सबब साबित होगा.   धनबाद में  विकास की होड़ में पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ की जा रही है. कोयला नगरी होने कें कारण शुरू से ही  बीसीसीएल के द्वारा कोयले के  दोहन के लिए ओपन कास्ट प्रोजेक्ट आदि चलाकर हजारों पेड़ों की बलि चढ़ा दी गयी है.

दूसरी ओर धनबाद में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर हजारों पेड़ों का सामूहिक संहार किया जा रहा है.   जानकारों के अनुसार आने वाले दिनों में कोयलांचल की धरती की तपिश और ज्यादा बढ़ेगी और इस धरती का जलस्तर काफी नीचे चला जायेगा. अगर समय रहते वन विभाग तथा जिला प्रशासन की कुम्भ्कर्णी नींद नहीं खुलती है तो धनबाद वासियों को आने वाले समय में पानी  को लेकर शहर से पलायन करना पड़ सकता है.

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सड़क चौड़ीकरण के नाम पर अंधाधुंध पेड़ों की कटाई

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धनबाद मे कांकोमठ से लेकर गोलबिल्डिंग तक  8 लेन सड़क का निर्माण किया जा रहा हैं .  20 किलोमीटर लंबी  इस 8 लेन सड़क में 410 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.   सड़क चौड़ीकरण का काम प्रगति पर है. सड़क चौड़ीकरण के दौरान 20 किलोमीटर के एरिया में 8322 पेड़ हटाये व काटे जायेंगे.  इसके लिए बजट में से 5.91 करोड़ रुपए पौधारोपण एवं पेड़ों की शिफ्टिंग पर खर्च होंगे.   कुछ वर्ष पहले ही इसी सड़क के दोनों किनारों पर पौधारोपण कार्य किया गया था. यह पेड़ अभी बड़े भी नहीं हुए,  लेकिन अब सड़क वे चौड़ीकरण की भेंट चढ़ने वाले हैं.

नियमानुसार सड़क निर्माण में जितने भी पेड़ कटते हैं,  उसके बाद उसके तीन गुणा संख्या में पेड़ों को लगाना है. जान लें कि  अब तक धनबाद में जितने भी पेड़ सड़क निमार्ण कें दौरान काटे गये हैं,  उसके बदले नये पौधे नही लगाये गये हैं.  हालाकि इस मामले में वन अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं.

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