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धनबाद: असम के 10 युवक राज्य वापसी की मांग को लेकर धरने पर बैठे 

Ranjit Kumar Singh

Dhanbad: कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को लेकर पूरे देश में जारी लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूर ओर छात्र दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं. वहीं इस समस्या के निदान के लिए सभी राज्य ने अपने-अपने स्तर से और केंद्र सरकार की मदद से छात्र और मजदूरों को अपने अपने राज्य लाने की तैयारी शुरू कर दी है.

बावजूद इसके सभी लोगों तक सरकारी मदद नहीं पहुंच पा रही है जिस कारण काफी संख्या में लोग परेशान हैं. इसी क्रम में मंगलवार को असम के तीनसुकिया के रहने वाले 10 मजदूरों ने गृह राज्य वापस भेजने की मांग को लेकर रणधीर वर्मा चौक पर धरना शुरू कर दिया.

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लॉकडाउन के कारण बंद हुआ काम, भुखमरी की स्थिति

धरने पर बैठे मजदूरों की मानें तो धनबाद के धोबाटांड़ में रहकर सभी मजदूर फेरी का काम करते थे. लॉकडाउन के कारण फेरी का काम पूरी तरह बंद हो गया है, जिस कारण सभी मजदूरों के सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है.

इन मजदूरों ने कहा कि  कई बार जिला प्रशासन से अपने राज्य भेजने की भी गुहार लगायी लेकिन आज तक कोई हल नहीं निकला. जिस कारण मंगलवार को बाध्य होकर सभी मजदूर अपने राज्य भेजने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गये.

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मजदूरों को गृह राज्य भेजने के लिए जिला प्रशासन से करेंगे बात: एसके पांडेय

धरना पर बैठे मजदूरों ने बताया कि उनके पास धरना देने के अलावा दूसरा कोई रास्ता बचा ही नहीं था. मामले की जानकारी जैसे ही जिला पुलिस को मिली तो पुलिस ने धरना स्थल पर पहुंचकर मजदूरों को आश्वासन दिया और उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेज दिया.

वहीं रणधीर बर्मा चौक पर तैनात मजिस्ट्रेट एसके पांडये ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान धरना प्रदर्शन करना गैरकानूनी है लेकिन जब इन मजदूरों को कोई रास्ता नहीं दिखा तो इन लोगों ने यह कदम उठा लिया. जिला पुलिस द्वारा अस्वासन देने के बाद सभी प्रवासी मजदूर मान गये. फिलहाल मजदूरों का धरना खत्म हो गया है और उन्हें स्वास्थ्य जांच के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है. इन्हें गृह राज्य भेजने के लिए जिला प्रशासन के अधिकारियों से बात की जायेगी.

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