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DGP बोले- छह महीने में जामताड़ा-देवघर से साइबर अपराध का कर देंगे सफाया

  • चार प्रोफेशनल IPS की टीम को जल्द सौंपी जायेगी साइबर अपराधियों से निपटने की जिम्मेदारी

Ranchi : साइबर अपराधियों का गढ़ माने जानेवाले जामताड़ा को छह माह में साइबर क्राइम से मुक्त करने का अभियान शुरू कर दिया गया है. ऐसे अपराधियों से निपटने की जिम्मेदारी चार प्रोफेशनल आईपीएस की टीम को मिलनेवाली है. यह टीम जामताड़ा के अलावा देवघर में भी साइबर अपराधियों से निपटेगी.

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झारखंड के डीजीपी एमवी राव के अनुसार इन दोनों जिलों में साइबर क्राइम काफी बढ़ा है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई से पिछले डेढ़ माह में इन जगहों से साइबर क्राइम कम भी हुआ है. यह प्रोफेशनल टीम फिलहाल ट्रेनिंग में है और जल्द ही इनकी पोस्टिंग इन क्षेत्रों के अलावा वहां भी की जायेगी, जहां सबसे अधिक साइबर क्राइम होता है. इसके बाद छह माह में इन जिलों से साइबर अपराध को खत्म कर दिया जायेगा.
डीजीपी ने बताया कि ये साइबर अपराधी अब दूसरे राज्यों में भी अपना ठिकाना बना रहे हैं. इन्हें पकड़ने के लिए दूसरे राज्य की पुलिस के साथ मिलकर काम किया जा रहा है.

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साइबर अपराधियों को तलाशने जामताड़ा पहुंचती रही है कई राज्यों की पुलिस

बता दें कि जामताड़ा से देशभर में कहीं भी लोगों को ऑनलाइन ठगने का काम किया जाता रहा है. जामताड़ा में हर राज्य की पुलिस साइबर ठगों की तलाश में पहुंचती रहती है. दिल्ली, चंडीगढ़, बिहार, वेस्ट बंगाल, हैदराबाद, कोलकाता, बेंगलुरु समेत तमाम राज्यों-शहरों की पुलिस यहां साइबर ठगी के सूत्र तलाशती हुई पहुंच चुकी है. हाल ही में हरियाणा के फरीदाबाद में की गयी साइबर ठगी के एक मामले में जामताड़ा के पांच अपराधी दबोचे जा चुके हैं.

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पश्चिम बंगाल से होती है सिम कार्ड की खरीदारी

साइबर अपराध में सिम कार्ड की भूमिका अहम है. पुलिस की जांच में यह बात सामने आयी है कि सबसे अधिक साइबर अपराध में उपयोग में आनेवाले सिम कार्ड की खरीदारी पश्चिम बंगाल की विभिन्न जगहों से की जा रही है. मोबाइल कंपनियों और बंगाल पुलिस के माध्यम से भी यह कहा गया है कि झारखंड के रिटेलर या ग्राहक को सिम कार्ड देने से पहले दो चरणों में व्यक्ति की जांच की जाये, ताकि फर्जीवाड़ा करनेवाले संदिग्ध को पकड़ा जा सके.

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जड़ से समाप्त करना है साइबर अपराध को

डीजीपी एमवी राव ने सिम कार्ड कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे देखें कि कोई भी दूसरे राज्य में इस्तेमाल होनेवाला सिम कार्ड कहीं साइबर अपराध से तो नहीं जोड़ा जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस तरह के निर्देश के बाद साइबर अपराध में कुछ कमी जरूर दिख रही है, लेकिन अब ऐसे अपराध को जड़ से ही समाप्त कर देना है. इसके लिए अब पुलिस पूरी तैयारी कर चुकी है.

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