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डीजीएमएस का मनाया गया 118 वां स्थापना दिवस समारोह

दुर्घटनाओं से बचने के लिए नियम और दिशा-निर्देशों पर दिया जा रहा है जोर : पीके सरकार

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Dhanbad : संपूर्ण भारत के खदानों की सुरक्षा का ध्यान रखने वाला डीजीएमएस (खान सुरक्षा महानिदेशालय) धनबाद का 118 वां स्थापना दिवस मनाया गया. कार्यक्रम की शुरूआत खान सुरक्षा महानिदेशक पीके सरकार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. खदानों में काम करने वाले सभी कर्मचारियों को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए स्वास्थ्य सांस्कृति को विकसित करना हमारी जवाबदेही है. साथ ही खान दुर्घटनाओं और व्यवसायिक रूप के जोखिम को पहचान कर उसे कम करने के लिए खनन संबंधित नियम, विनियम, मानको और दिशा-निर्देशों का जोर दिया जा रहा है. उक्त बातें खान सुरक्षा महानिदेशक ने डीजीएमएस में अपने संबोधन में कहा. उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी और जागरूकता को बढ़ावा देकर खान दुर्घटना को कम किया जा सकता है.

तकनीकी अपग्रेडेशन में काफी काम करना है बाकी

पीके सरकार ने कहा कि मैनपावर की कमी से तकनीकी अपग्रेडेशन के क्षेत्र में बहुत काम होना बाकी है. डीजीएमएस प्रयास में है कि सेवाएं ऑनलाइन हो, जिससे सभी को जानकारी आसानी से मिल सके. बताते चलें कि 7 जनवरी 1901-02 में अंग्रेजों ने कोलकाता में खान निरीक्षक ब्यूरो की स्थापना की. बाद में इसका मुख्यालय धनबाद में करके नाम बदल कर 1 जनवरी 1960 को मुख्य खान निरीक्षक किया गया था. जिसे 1 मई 1967 को खान सुरक्षा महानिदेशालय नाम दिया गया.

बलूचिस्तान की खान दुर्घटना से सबक लेकर किया गया था स्थापना

अंग्रजों के शासन के समय 1897 में कोलार गोल्ड फील्ड्स में 52 लोगों को मौत दुर्घटना में हो गयी थी. जिससे खदान में काम करने वाले कर्मचारियों के सुरक्षा का डर सताने लगा था. लेकिन भारत समेत पूरी दुनिया उस समय कोहराम मच गया, जब इसके तुरंत बाद बलूचिस्तान में कोयल खान दुर्घटना में 47 मजदूरों को मौत हो गयी थी. इसके खान सुरक्षा को लेकर तत्कालिक सरकार सजग हुई और इसकी स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ था. जो आज संपूर्ण भारत के खदानों की सुरक्षा का दायित्व निर्वहन कर रहा है.

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