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कार्तिक पूर्णिमा पर रामरेखा धाम में कम श्रद्धालु पहुंचे, कोविड-19 के कारण नहीं लगाया गया मेला

ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, बिहार सहित कई राज्यों से रामरेखा आते हैं श्रद्धालु

Simdega : पवित्र तीर्थस्थल रामरेखा धाम में कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं. हालांकि वैश्विक महामारी कोरोना को देखते हुए इस बार यहां मेला नहीं लगाया गया है. राज्य सरकार व जिला प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का अनुपालन कराया जा रहा है. मेला परिसर में इस बार कहीं भी दुकान नहीं लगाने दी गयी है. इसके अलावा पर्याप्त संख्या में पुलिस पदाधिकारी, मजिस्ट्रेट और जवानों की तैनाती की गई है.

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एसपी डॉ शम्स तबरेज पहुंचे, विधि व्यवस्था और सुरक्षा का हाल जाना

रामरेखा धाम में विधि व्यवस्था की तैयारी को लेकर सिमडेगा एसपी डॉ शम्स तबरेज ने सोमवार को समीक्षा की थी. अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राज किशोर और दूसरे पदाधिकारियों के साथ रामरेखा धाम परिसर जाकर विधि व्यवस्था और सुरक्षा की जानकारी हासिल की. इस दौरान रामरेखा धाम के महंत उमाकांत जी महाराज से धार्मिक अनुष्ठान के बारे में जानकारी ली गयी. साथ ही आसपास के क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया. इस अनुष्ठान के दौरान होने वाले सभी प्रकार की कार्यक्रमों की जानकारी भी ली.

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सोशल डिस्टेंस का करा रहे पालन, मास्क तथा सैनिटाइजर की भी व्यवस्था

एसपी के मुताबिक वैश्विक महामारी को देखते हुए इस बार मेला का आयोजन नहीं किया गया है. मेला में विधि व्यवस्था बनाये रखने और श्रद्धालुओं की मदद पुलिस कर रही है. सभी जगहों पर सोशल डिस्टेंस का पालन करने, मास्क तथा सैनिटाइजर की भी व्यवस्था की गई है. आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे मास्क पहनकर ही रामरेखा धाम आएं. पुलिस प्रशासन पूरी तरह से चौकस है. यहां पर पार्किंग और विधि व्यवस्था को लेकर पर्याप्त संख्या में जवानों को तैनात किया गया है.

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आयोजक भी रहे सजग

रामरेखा धाम विकास समिति के उपाध्यक्ष ओम प्रकाश साहू के अनुसार मेला इस बार नहीं लगाया जा रहा है. बाकी सभी प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान जो सैकड़ों वर्षों से चले आ रहे हैं, उसे पूरी तरह से वैदिक मंत्रोचार के साथ किया जा रहा है. इसके अलावा धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को भी गुफा में भगवान राम, लक्ष्मण, सीता एवं जगन्नाथ स्वामी तथा मंदिर के अंदर सभी विग्रहों का दर्शन करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. साथ ही कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए मेला परिसर में श्रद्धालुओं का ध्यान भी रखा जा रहा है.

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विशाल मेला लगता था, इस बार कोरोना ने डाला खलल

गौरतलब है कि हर साल कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर रामरेखा धाम में विशाल धार्मिक मेला का आयोजन किया जाता था. पर इस बार वैश्विक महामारी के कारण मेला पर संकट छा गया गया है. मेले के दौरान झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, बिहार सहित देश के कई अन्य कोने से यहां पर लोग पूजा करने के लिए पहुंचते थे. दुकानें भी यहां लगती थीं जिससे पहाड़ी की शोभा बढ़ती थी. लेकिन इस बार नजारा कुछ और ही है. हालांकि श्रद्धालु दर्शन करने पहुंच रहे हैं. सिमडेगा के कैरबेड़ा बाजार के समीप रामरेखा समिति की ओर से पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है. धाम के समिति के सदस्य पार्किंग में मदद कर रहे हैं.

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