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शहर को प्राकृतिक तरीके से विकसित करें, नदियों व तालाबों के प्राकृतिक स्वरूप से न करें छेड़छाड़ः मुख्य सचिव

  • इंजीनियर सिर्फ स्ट्रक्चर खड़ा कर सकते हैं, उनके भरोसे शहर का स्वाभाविक विकास नहीं हो सकता
  • सरकारी भवनों में ईंट-कंक्रीट की चहारदीवारी नहीं बननी चाहिए, खुली ग्रिल का प्रयोग कर चहारदीवारी बनवाएं

Ranchi: मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने शहरी विकास के मॉडल में कंक्रीट के न्यूनतम उपयोग पर जोर दिया है. नगर विकास विभाग को निर्देश दिया कि वह शहर की प्रकृति और पहचान को बरकरार रखते हुए योजना बनाएं. इंजीनियर सिर्फ स्ट्रक्चर खड़ा कर सकते हैं, उनके भरोसे शहर का स्वाभाविक विकास नहीं हो सकता. इसके लिए एक अरबन आर्ट कमीशन का गठन कर उसमें पर्यावरणविद् को शामिल करने का निर्देश दिया, जो शहर की मूल प्रकृति से छेड़-छाड़ किये बिना विकास का व्यावहारिक सुझाव दे सकें. नगर विकास विभाग नगर के विकास और रियलिटी सेक्टर के ग्रोथ के दृष्टिकोण से सभी स्टेक होल्डरों से वार्ता कर नीति संबंधी निर्णय लें. तालाबों, नदियों और जलाशयों के विकास के नाम पर कंक्रीट की संरचना खड़ा करने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इसका विकास प्राकृतिक स्वरूप को संरक्षित रखते हुए करें. मुख्य सचिव बुधवार को प्रोजेक्ट भवन में नगर विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे.

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शहर के लोगों को खुले में सांस लेने की योजना पर काम करें

मुख्य सचिव ने नगर विकास विभाग को शहर के लोगों को खुले में सांस लेने की योजना पर काम करने का निर्देश देते हुए कई सुझाव दिये. उन्होंने कहा कि शहर के भीतर स्थित जमीन पर निर्माण से बचें. जितना हो सके वहां हरियाली और ओपेन स्पेस विकसित करें. इसके लिए भूमिगत योजनाओं को अपनाएं. शहरवासियों के अवकाश के दिन सैटरडे और संडे को फन डे बनाने के लिए शहर में कुछ स्थान विकसित करें. सुझाव दिया कि ऐसे स्थानों पर हरियाली हो, खाने-पीने की बेहतर व्यवस्था हो तथा झारखंडी संस्कृति से जुड़े बैंड की धुन हो, ताकि लोग सपरिवार उसका आनंद ले सकें. नगर विकास सचिव अजय कुमार सिंह ने तत्काल कांके डैम के पास ऐसा स्थल विकसित करने पर सहमति दी.

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नगर निगम क्षेत्रों में वाटर टावर निर्माण की नई योजना पर रोक लगाने का निर्देश

मुख्य सचिव ने राज्य के सभी नगर निगम क्षेत्रों में वाटर टावर निर्माण की नई योजना पर रोक लगाने का निर्देश देते हुए भूमिगत वॉटर सप्लाई की योजना पर काम करने को कहा. उन्होंने कहा कि ऐसा करने से महंगी जमीन का प्रयोग अन्य कार्यों के लिए हो सकता है. इससे शहर का परिदृश्य भी सुंदर दिखेगा. यह सुनिश्चित करें कि शहर में बिना नक्शा कोई भी निर्माण नहीं हो. सरकारी भवनों में ईंट-कंक्रीट की चहारदीवारी नहीं बननी चाहिए. उसकी जगह ग्रीन वॉल और बड़े भव्य भवनों के चारों ओर खुली ग्रिल का प्रयोग कर चहारदीवारी बनवाएं, ताकि भीतर की चीजें भी नजर आएं. शहर के भीतर सड़क चौड़ीकरण के नाम पर निर्माण तोड़ने की जगह कतिपय विदेशी शहरों का हवाला देते हुए ट्रैफिक व्यवस्था के वैकल्पिक उपाय करने तथा साफ-सफाई व बुनियादी सुविधा पर जोर देने का निर्देश दिया.

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हरमू नदी के दोनों ओर हरियाली हो, कचरा न डाला जाये

हरमू नदी विकास की योजनाओं पर यह सुनिश्चित करने को कहा कि नदी के दोनों ओर हरियाली हो तथा उसके जल में कचरा नहीं डाला जाए. इसके लिए ऊंची फेन्सिंग करने तथा लोगों की नदी तक पहुंच के लिए कहीं-कहीं खुला रखने का निर्देश दिया. नदी में गिरनेवाली नालियों के गंदे पानी का ट्रीटमेंट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट करने का भी निर्देश दिया. नदी में हमेशा पानी बना रहे, इसका भी उपाय करने का निर्देश दिया. बिरसा मुंडा पार्क में आनेवाले लोगों के लिए ग्रीन शेड बनाने को कहा. ग्रीन शेड निर्माण में कंक्रीट का न्यूनतम उपयोग हो.

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