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कर्मचारियों की कमी के बावजूद शिक्षा परियोजना ने 639 पदों को किया समाप्त, 72 पदों को ही दी गयी स्वीकृति

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  • जिला और ब्लॉक स्तर के पदों को किया गया समाप्त, वेकेंसी में 25 प्रतिशत तक आयेगी कमी
  • वर्तमान में 1765 पद हैं रिक्त
  • निदेशक ने कहा परेशानी की बात नहीं, आवश्यकता के अनुसार रहेंगे कर्मचारी

Chhaya

Ranchi: राज्य शिक्षा परियोजना परिषद कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है. राज्य शिक्षा परियोजना की मानें तो समग्र शिक्षा अभियान समेत अन्य केंद्र और राज्य सरकार की योनजाएं सफल नहीं हो पा रहीं. इसके पीछे परियोजना परिषद् में कर्मचारियों की कमी एक बड़ी वजह बतायी जा रही है.

पहले से ही कर्मचारियों की कमी के बावजूद अब शिक्षा परियोजना ने नया निर्णय लिया है. जिसके तहत सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत कार्यरत जिला स्तर के 114 और ब्लॉक स्तर के 597 कर्मचारियों के पदों को खत्म कर दिया गया. इनके स्थान पर 72 पदों की स्वीकृति दी गयी है.

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ऐसे में लगभग 639 पदों को समाप्त कर दिया गया. खत्म किये गये पदों पर बीपीओ, एपीओ, अकाउंटेंट, सहायक इंजीनियर समेत अन्य पद हैं. इन 72 पदों को आनेवाले समय में विभिन्न चरणों में भरा जायेगा.

नये बहाल किये गये कर्मचारियों के लिए करीब चार करोड़ का बजटीय प्रावधान किया जायेगा, जो साल 2019-20 से ही लागू होगा. विगत दिनों हुई राज्य कार्यकारिणी की बैठक में इस प्रस्ताव को पास भी कर दिया गया.

बेहतर क्रियान्वयन के नाम पर पद हटाये गये

परियोजना की मानें तो जिला और ब्लॉक स्तर पर भले ही कर्मचारी नियुक्त हों, लेकिन इनका क्रियान्वयन सही से नहीं है. इसमें कहा गया है कि सम्रग शिक्षा अभियान के सही क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों को अलग करना है.

पूर्व में जिला और ब्लॉक स्तर की संरचना कमजोर हो जाने की बात परियोजना की ओर से की जा रही है. फिलहाल 639 कर्मचारियों को पदमुक्त नहीं किया गया है. वहीं कुछ पदों पर पीरामल और बीसीजी एजेंसी के जरिये नियुक्ति भी की गयी है. ऐसे में कर्मचारियों में भी आंशका है कि पद हटाये जाने के बाद इनका क्या होगा.

वहीं परियोजना की ओर से इन कर्मचारियों के पदस्थापना से संबधित कोई जानकारी नहीं दी गयी है.

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1, 765 पद खाली, वेकेंसी में आयेगी कमी

परियोजना की वर्तमान स्थिति को देखें तो यहां लगभग 1,765 पद फिलहाल खाली हैं. राज्य स्तर पर 78 पद कर्मचारियों के लिए स्वीकृत हैं. इनमें 36 कार्यरत हैं और 42 खाली हैं.

इसी तरह जिला स्तर पर 546 पद स्वीकृत हैं. इनमें 309 कार्यरत हैं और 237 पद खाली हैं. ब्लॉक स्तर पर 1822 पद हैं. इनमें 954 कर्मचारी कार्यरत हैं.

ब्लॉक स्तर पर 868 पद खाली हैं. ऐसे में कुल 1,765 पद रिक्त होने के बाद भी परियोजना कर्मचारियों को पदमुक्त कर रहा है. पद से हटाये जाने के बाद परियोजना में जिला स्तर पर 37 प्रतिशत और ब्लॉक स्तर पर 25 प्रतिशत वेकेंसी में कमी आयेगी.

परेशानी की बात नहीं, प्राथमिकता के अनुसार सृजित किये गये पद

इस संबंध में राज्य शिक्षा परियोजना निदेशक उमा शंकर सिंह ने कहा कि इसमें कोई परेशानी की बात नहीं है. पद खत्म नहीं हो रहे. इसे पदों का री आर्गेनाइजेशन कहते हैं. जिसके तहत कुछ नये पद भी आयेंगे.

इसमें इन बातों का ध्यान रखा जाता है कि प्राथमिकता के अनुसार कर्मचारियों को रखा जायेगा. जिन कर्मचारियों के कार्यों की प्राथमिकता नहीं है, उन्हें नहीं रखा जायेगा.

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