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आदेश के बावजूद सीएस ने लापरवाह डॉक्टर पर नहीं की कार्रवाई

22 दिसंबर को प्रभारी न्यायाधीश ने सिविल सर्जन को दिया था कार्रवाई का आदेश

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Chatra: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. डीपी सक्सेना पर व्यवहार न्यायालय के प्रभारी न्यायाधीश आनन्द सिंह ने क्षेत्राधिकार का उलंघन करने के आरोप में सिविल सर्जन को प्रशासनिक कार्रवाई करने का आदेश दिया था. इस आदेश के एक पखवाड़ा बाद भी सिविल सर्जन डॉ. एसपी सिंह ने अभी तक कार्रवाई नहीं की है.

अदालत का आदेश पत्र

22 दिसंबर को जारी आदेश में प्रभारी न्यायाधीश ने कहा है कि 22 दिसबंर को व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र में बिना पूर्व आधिकारिक सूचना के डॉ सक्सेना के द्वारा उपस्थिति पंजी मंगाकर कार्यालय में प्रतिनियुक्त उमेश साहा का दिनांक 11 दिसबंर से लेकर 22 दिसंबर तक की उपस्थिति बिना किसी कारणवश काट दिया गया. जो उनके क्षेत्राधिकार का उल्लंघन और कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही का परिचायक है. इनके द्वारा की गयी इस कार्य से यह प्रतीत होता है कि डॉ सक्सेना का यह कृत्य न्यायालय के कार्य संपादन में हस्तक्षेप करने के समतुल्य है. उनके इस तरह के कृत्य पर गंभीरता पूर्वक संज्ञान लेते हुए प्रशासनिक कार्रवाई करें, ताकि भविष्य में कभी इस तरह की घटना दोबारा घटित न हो. इसकी प्रतिलिपि न्यायाधीश ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं उपायुक्त जितेंद्र कुमार सिंह को भी दी है.

इधर सीएस ने बताया कि न्यायालय के आदेश के आलोक में चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सक्सेना को चेतावनी दी गयी है.

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