Ranchi

#Lockdown के बावजूद राज्यभर में पिछले वर्ष से 31 फीसदी अधिक हुई धान की खरीद

Ranchi: वर्ष 2019 की तुलना में इस साल गढ़वा और राज्यभर में रिकॉर्ड मात्रा में धान का क्रय किया गया है. सीएम हेमंत सोरेन की पहल पर भारतीय खाद्य निगम ने धान खरीद के लिए 15 मई तक डेट को बढ़ा दिया था. पूर्व में धान खरीद का समय 30 अप्रैल तक ही था. इसका फायदा राज्य के किसानों को मिला है.

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गढ़वा में भारतीय खाद्य निगम ने मेराल, रंका और गढ़वा धान क्रय केन्द्रों में पिछले साल की तुलना में इस साल 31 प्रतिशत अधिक धान की खरीददारी की है. राज्यभर में भी धान क्रय के आंकड़े में इतनी ही वृद्धि की खबर है. सात दिनों में सभी किसानों को उनकी उपज का भुगतान कराये जाने का प्रयास हो रहा है. गढ़वा के किसानों ने मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर और राज्य सरकार को धन्यवाद कहा है.

लाभ पाने वाले किसानों की संख्या में भी वृद्धि

गढ़वा के सभी धान केन्द्रों में पिछले वर्ष से अधिक धान की खरीद हुई है. पिछले वर्ष रंका में 21284.40, मेराल में 25651.20 तथा गढ़वा में 39652.40 क्विंटल धान खरीद की गई थी. इस वर्ष लॉक डाउन में भी रंका में 33440.40, मेराल में 27927.60 तथा गढ़वा में 64831.20 क्विंटल धान की खरीद की गई है.

साथ ही इस वर्ष लाभ पाने वाले किसानों की संख्या भी पिछले वर्ष के किसानों से अधिक है. गढ़वा जिला में वित्तीय वर्ष 2019-20 में 5106 किसानों से 366239.60 क्विंटल धान की खरीद की गई. पिछले वर्ष (2018-19) में 3711 किसानों से 279109.60 क्विंटल धान की खरीद की गई थी. गढ़वा विधायक और मंत्री मिथिलेश ठाकुर के अनुसार हेमंत सरकार आने के बाद बिचैलियावाद खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है. इससे किसानों को उनका हक मिल रहा है.

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एक सप्ताह में किसानों को होगा भुगतान

बता दें कि गढ़वा में 29 मई को किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर से मुलाकात की थी. राज्य सरकार की पहल पर धान क्रय की तिथि बढ़ने के कारण किसानों को लाभ मिला है. इसके लिए किसानों ने मंत्री और राज्य सरकार का आभार जताया था.

किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से भारतीय खाद्य निगम द्वारा भुगतान नहीं किये जाने की बात कही. मंत्री ने बताया कि किसानों को भुगतान करने की प्रक्रिया चल रही है. इस संबंध में निगम के अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं. सात से आठ दिनों में सभी किसानों को उनकी उपज का भुगतान कर दिया जायेगा.

इस साल किसानों को बोनस भी

इस वर्ष किसानों को 1815 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलेगा. साथ में 185 रुपये प्रति क्विंटल बोनस के रूप में भी मिलेगा. मिथिलेश ठाकुर के अनुसार, विरासत में मिले खाली खजाना और लाकॅडाउन के बावजूद हेमंत सरकार किसानों को बोनस दे रही है.

पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ को छोड़कर किसी अन्य राज्य ने अभी तक किसानों को बोनस देने की घोषणा नहीं की है. कुल मिलाकर 2000 रुपये प्रति क्विंटल झारखंड के किसानों को मिलेगा. पिछले साल रघुवर सरकार ने किसानों को बोनस नहीं दिया था.

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