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आत्मसम्मान को बढ़ाती है राष्ट्रभाषा-मातृभाषा का प्रयोग : उपायुक्त

Palamu :  जिला प्रशासन ने शुक्रवार को डीआरडीए सभागार में जिला स्तरीय हिन्दी दिवस समारोह का आयोजन किया. हिंदी दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि उपायुक्त पलामू डॉ शांतनु अग्रहरी ने कहा की हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा है, साथ ही यह मातृभाषा भी है. उन्होंने कहा कि चीन, जापान, रूस जैसे देश अपने राष्ट्र भाषा के बल पर वैश्विक अर्थव्यवस्था में निरतंर प्रगति कर रहे हैं. जापान के लोग अपनी मातृभाषा के बल पर तकनीकी क्षेत्र में विश्व स्तर पर बहुत आगे हैं.

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चीन, जापान और रूस के लोगों का मातृभाषा के प्रति है समर्पण

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आज चीन के लोग चीनी भाषा का प्रयोग करते हुए पूरे सुदूर पूर्व एशिया में वाणिज्य व्यापार के क्षेत्र में छाए हुए हैं. रूस के लोग अपने किसी भी कार्य क्षेत्र में अपनी भाषा के प्रयोग को सर्वाधिक महत्व देते हैं. उपायुक्त ने अपने संबोधन में मातृभाषा एवं राष्ट्रभाषा के महत्व को रेखाकिंत करते हुए कई संस्मरणों को साझा किया. उन्होंने रूस के संत पिटर्स वर्गं और मास्को शहर में रूसीयों के अपनी मातृभाषा एवं राष्ट्रभाषा के प्रति समर्पण की भावना को अनुकरणीय बताया. इसके साथ ही रांची में जापानी प्रतिनिधिमंडल के बीच झारखंड सरकार के नगर विकास की योजना की प्रस्तुतिकरण में जापान के लोगों के अपने जापानी भाषा के प्रति प्रेम और संपर्ण की भावना को भी अनुकरणीय बताया.

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भारत के विविधता में एकता का प्रतीक है हिंदी

उपायुक्त ने कहा की हमारे देश में सुभाष चंद्र बोस गैर हिंदी भाषी थे. लेकिन हिंदी के प्रबल समर्थक थे. हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही. उपायुक्त ने कहा कि सभी भाषाओं की जानकारी रखनी चाहिए. लेकिन अपनी राष्ट्रभाषा मातृभाषा का प्रयोग हमारे आत्मसम्मान को बढ़ाती है. वहीं उपविकास आयुक्त बिंदु माधव प्रसाद सिंह ने कहा कि हिंदी सभी भाषाओं को जोड़ती है.

भारत के विविधता में एकता का प्रतीक हिंदी है. सहायक समाहर्त्ता कुमार तारा चंद ने कहा कि हिंदी जन मन की भाषा है. आज यह वैश्विक भाषा का रूप लेता जा रही है. हर भारतीय को हिंदी बोलने में गर्व महसुस करना चाहिए. राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम के निदेशक हैदर अलि ने कहा कि हिंंदी सलील एवं आदरनीय भाषा है. अंग्रेजी में छोटे-बड़े सभी को ‘‘यू‘‘ कहकर संबोधित किया जाता है. जबकि हिंदी में छोटोंं के लिए प्यार सूचक ‘‘तुम‘‘ एवं बड़ों के लिए आदर सूचक ‘‘आप‘‘ का प्रयोग किया जाता है. उन्होंने कहा कि रुमाल, पायजामा जैसे फारसी शब्दों को हिंदी भाषा में आत्म साथ कर लिया है.

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अपने परिवार से ही हिंदी के प्रचार-प्रसार की शुरूआत करें

हिंदी दिवस समारोह के अवसर पर अपर समाहर्त्ता प्रदीप प्रसाद, डीआरडीए निदेशक स्मिता टोप्पो, सदर अनुमंडल पदाधिकारी नंद किशोर गुप्ता, छत्तरपुर भोगेंद्र ठाकुर, हुसैनाबाद कुन्दन कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी देवेंद्र नाथ भादुड़ी, प्रखंड विकास पदाधिकारी मनातू रवि प्रकाश ने भी हिन्दी की महता, लोकप्रियता पर अपने विचारों को रखा. हिंदी दिवस के अवसर पर अपने परिवार से ही हिंदी के प्रचार-प्रसार के शुरूआत का सकंल्प लिया. समारोह का संचालन कार्यपालक दंडाधिकारी सुधीर कुमार तथा धन्यवाद ज्ञापन सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा शत्रुजंय कुमार ने किया.

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