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शिक्षा उपनिदेशक ने तीन सरकारी आवासीय विद्यालयों का किया औचक निरीक्षण

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Ranchi : दक्षिणी छोटानागपुर के क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक अशोक कुमार शर्मा ने रविवार को रांची जिले के बुंडू अनुमंडल मुख्यालय स्थित तीन सरकारी आवासीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने इन आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक, आवासीय एवं भोजनादि की व्यवस्था का जायज़ा लिया. शर्मा ने सर्वप्रथम इंदिरा गांधी आवासीय विद्यालय की तर्ज पर नवसंचालित, दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडलस्तरीय आवासीय बालिका विद्यालय, बुंडू का निरीक्षण किया. विद्यालय में कुल 62 बालिकाएं रहती हैं. उनसे मिलकर उनके आवासन, भोजन एवं पठन-पाठन की जानकारी ली गयी. कुछ अभिभावक भी मिले. बच्चे खुश थे. प्रतिनियुक्त वॉर्डन सुशारी सोय मुरूम आकस्मिक अवकाश पर थीं. कुक के साथ भोजन का अवलोकन किया गया. निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन एवं रात में सोने के पहले एक-एक गिलास दूध देने का निदेश दिया गया. विद्यालय में चार शिक्षक अध्यापन हेतु प्रतिनियुक्त हैं, उन्हें 35 बच्चों के दो सेक्शन बनाकर बेहतर पढ़ाई का निर्देश दिया गया. बताया गया कि आयुक्त की अध्यक्षता में बैठक आहूत कर शुद्ध पेयजल हेतु डीप बोरिंग, पेयजल एटीएम प्यूरिफिकेशन मशीन, 100 डुएल बेंच डेस्क, डाइनिंग टेबल सेट, 200 बेड सेट, सुरक्षा हेतु पुलिस प्रशासन का सहयोग, स्वास्थ्य सुविधा हेतु एएनएम की प्रतिनियुक्ति पर शीघ्र निर्णय लिया जायेगा.

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उपनिदेशक ने राजकीय प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय, बुंडू का भी निरीक्षण किया. हॉस्टल में रहनेवाले 17 प्रशिक्षुओं से मिलकर आवासीय सुविधाओं का जायजा लिया. नवनिर्मित महाविद्यालय भवन का निरीक्षण करते हुए आदेशपाल को नियमित सफाई का निर्देश दिया. अशोक कुमार शर्मा ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, बुंडू का भी निरीक्षण किया. वॉर्डन वैशाली मिश्रा एवं शिक्षिका भूमिका कुमारी उपस्थित थीं. शिक्षकोपस्थिति पंजी का संधारण अव्यवस्थित था. शिक्षकों के आगमन और प्रस्थान का समय एवं उपस्थिति के कॉलम भरे ही नहीं जाते हैं. लेखापाल बीईईओ के नाम आवेदन डालकर अनुपस्थित थे. आवेदन पर किसी की स्वीकृति नहीं थी. कायदे से उन्हें वॉर्डन को आवेदन देना चाहिए था. निरीक्षण में पाया गया कि विद्यालय में कोई अवकाश पंजी संधारित ही नहीं होती है. पूछने पर वॉर्डन ने अनभिज्ञता जाहिर की. विद्यालय में सभी कोटि मिलाकर 29 शिक्षक कर्मचारियों के नाम अंकित हैं, पर नियमित आनेवाले मात्र चार-पांच शिक्षक ही हैं. वॉर्डन द्वारा बताया गया कि दैनिक मानदेय वाले शिक्षक नियमित नहीं आते हैं, ऐसे में उनके स्तर से रूटीन अनुसार नियमित पढ़ाई बाधित होती है. लेखपाल के पास ही अभिलेख रखने की जानकारी दी गयी, जिसके कारण सभी अभिलेखों का अवलोकन नहीं किया जा सका. विद्यालय में 600 बालिकाएं नामांकित हैं एवं वर्ग 6th से 12वीं तक व्यवस्था है. अभिलेखों के बेहतर संधारण, शिक्षकोपस्थिति एवं पठन-पाठन की समुचित व्यवस्था अविलंब सुनिश्चित करते हुए प्रगति प्रतिवेदन समर्पित करने का निदेश वॉर्डन को दिया गया.

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