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MP-MLA Fund से अनुशंसित योजनाओं पर काम करने के लिए उपविकास आयुक्तों ने सरकार से मांगा मार्गदर्शन

जिला अभियंताओं की शक्त्यिों के बारे में मांगा गाइडलाइन

Ranchi : रांची सहित पांच जिलों के डीडीसी ने सरकार से सांसद-विधायकों द्वारा अनुशंसित योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए जिला परिषद के जिला अभियंताओं के अधिकार और शक्तियों के बारे में मार्गदर्शन मांगा है. कोडरमा, दुमका, पलामू, देवघर व रांची डीडीसी ने इस संबंध में ग्रामीण विकास विभाग को पत्र लिखा है और मार्गदर्शन मांगा है.

इस संबंध में पूर्व महालेखाकार ने भी आपत्ति जतायी थी कि झारखंड पंचायत राज अधिनियम-2001 के धाराओं के अनुरूप कार्रवाई नहीं की जा रही है. सांसद-विधायक फंड से अनुशंसित योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी इस वजह से असर पड़ रहा है,स्थानीय विकास के कार्यक्रमों में देरी हो रही है.

उपविकास आयुक्तों ने जिला अभियंता को इन कार्यो के लिए नामित करने,अग्रिम राशि भुगतान किए जाने संबंधी कुछ बिंदुओं पर गाइडलाइन देने को कहा गया है. मिली जानकारी के अनुसार ग्रामीण विकास विभाग इस संबंध पंचायती राज व विधि विभाग से मशविरा कर रहा है. इसके बाद एक मार्गदर्शन भेजा जायेगा जिसमें सांसद-एमएलए फंड से अनुशंसित योजनाओं पर किस तरह से क्रियान्वयन किया जाना है इसकी विस्तृत जानकारी दी जायेगी.

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MDLM

इन बिंदुओं पर मांगा मार्गदर्शन

1.क्या विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना एवं सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत विधानसभा एवं सांसद सदस्यों द्वारा अनुशंसित कार्यों के क्रियान्वयन के लिए जिला अभियंता, जिला परिषद को कार्यकारी एजेंसी नामित किया जा सकता है अथवा नहीं.

2.यदि जिला अभियंता, जिला परिषद को कार्यकारी एजेंसी के रूप में नामित किया जाता है तो डीआरडीए के रिवाइज एकाउटिंग प्रोसेजर के अनुरूप अग्रिम राशि जिला अभियंता, जिला परिषद को विमुक्त की जा सकती है कि नहीं.

3. यदि जिला अभियंता, जिला परिषद को राशि विमुक्त की जाती है तो क्या उसे पंचायज राज एक्ट 2001 की धारा के तहत जिला परिषद की राशि मानी जायेगी अथवा नहीं.

4. क्या विमुक्त की गयी राशि से योजना क्रियान्वयन के लिए जिला अभियंता द्वारा संवेदक, अभिकर्ता, लाभुक समिति को चेक अन्य वित्तीय इंस्ट्रुमेँट के माध्यम से से राशि का भुगतान किया जा सकता है.
यदि जिला अभियंता के अतिरिक्त किसी अन्य कार्य विभाग, एनआरईपी, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल आदि को कार्यकारी एजेंसी नामित किया जाता हे तो क्या डीआरडीए के अकांउट नियम के अनुरूप प्रशासनिक स्वीकृति के बाद 60 प्रतिशत तक की राशि कार्यकारी एजेंसी को विमुक्त की जा सकती है कि नहीं.

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