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उदासीनता: दो माह से बंद है मध्य विद्यालय, 300 बच्चों का भविष्य अंधेरे में

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Palamu: पारा शिक्षकों की हड़ताल और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के कारण पलामू जिले में कई विद्यालय हैं. इन विद्यालयों में छत्तरपुर के कव्वल में स्थित मध्य विद्यालय भी शामिल है. यह विद्यालय पिछले दो माह से बंद है. इसकी जानकारी शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों से लेकर अधिकारियों को भी है, लेकिन विद्यालय संचालित करने की सुध किसी ने भी नहीं ली है. नतीजा यहां पढ़ रहे सैकड़ों बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है.

एक सरकारी शिक्षक, सात पारा शिक्षक हैं कार्यरत

छत्तरपुर मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर स्थित मध्य विद्यालय में एक सरकारी शिक्षक और सात पारा शिक्षक कार्यरत हैं. पारा शिक्षक जब से हड़ताल पर गये हैं, विद्यालय का ताला बंद है. सरकारी शिक्षक सह प्रभारी प्रधानाध्यापक मो. सलाम अंसारी को विद्यालय खोलने की थोड़ी भी फिक्र नहीं है. लगातार विद्यालय बंद रह रहा है.

ग्रामीणों में रोष

कव्वल गांव के विरंजय सिंह, वशिष्ट सिंह, शिवनारायण सिंह, सोनू सिंह एवं अरूण सिंह आदि ने बताया कि इस स्कूल स्थापित एकमात्र शिक्षक कभी स्कूल नहीं आते. इतना नहीं उक्त शिक्षक-सह प्रधानाध्यापक द्वारा 10वीं के बच्चों से नंबर बढ़ाने के नाम पर अवैध रूप से पैसों की वसूली की जाती है. इसकी शिकायत ग्रामीणों द्वारा लिखित रूप से बीईईओ से की गयी है. इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया गया है. शिक्षक की शिकायत नवंबर माह में की गयी है.

बीईईओ ने स्वीकार विद्यालय बंद रहने की बात

छतरपुर के प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी जय कुमार तिवारी ने भी पूछे जाने पर शिक्षक के खिलाफ ग्रामीणों द्वारा की गयी शिक्षक के खिलाफ शिकायतों की पुष्टि की है. यह भी बताया कि विद्यालय लंबे समय से बंद रहा है. प्रधानाध्यापक की अनुपस्थिति मामले की जांच की गयी है. इसकी रिपोर्ट विभाग को सौंपी गयी है. सीआरपी से भी मामले की जांच करायी गयी. उसकी जांच में भी प्रधानाध्यापक के विद्यालय से गायब रहने की पुष्टि हुई है. पुनः उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.

बहरहाल सबको शिक्षा देने के लिए सर्वशिक्षा अभियान के तहत सरकार स्कूल चलें हम का नारा दे रही है, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के कारण विद्यालय बंद है और 300 विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर ग्रहण लग रहा है, उसे देखने वाला कोई नहीं है.

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