Main SliderRanchi

नगर विकास विभाग का कमाल : सड़क बनाने के लिए नियुक्त अभियंता घनश्याम अग्रवाल फिर पास करेंगे बिल्डिंग का नक्शा

Ranchi : झारखंड में कुछ भी हो सकता है. कुछ खास विभागों में. ऐसा ही एक विभाग है नगर विकास विभाग. इस विभाग में एक महत्वपूर्ण काम होता है: आवासीय व व्यवसायिक भवनों  का नक्शा पास करना. सभी नगर निगम में एक टाउन प्लानर का पद होता है. इसके लिये अलग से पढ़ाई होती है. पर, झारखंड में किसी भी तरह के इंजीनियर को टाउन प्लानर बना दिया जाता है. ताजा मामला अभियंता घनश्याम अग्रवाल का है. जिसकी चर्चा विभाग में खूब चल रही है.

घनश्याम अग्रवाल की नियुक्ति पथ निर्माण विभाग में अभियंता के रूप में हुई थी. जाहिर है, वह सड़क का निर्माण कराने में पारंगत होंगे. लेकिन पिछले 15-17 सालों में शायद ही उन्होंने किसी सड़क का निर्माण कराया हो. हां, बिल्डिंग का नक्शा सैंकड़ों नहीं बल्कि हजारों की संख्या में पास की होगी. झारखंड गठन के बाद पहले धनबाद में और बाद में रांची में टाउन प्लानर की पोस्टिंग पायी. और खूब चर्चा में रहे. यह पद ही ऐसा है कि इस पद पर काम करने वाला व्यक्ति विभाग के अफसर से लेकर मंत्री तक का करीबी बन जाता है.

इसे भी पढ़ें – रांची में जमीन लूट पर नकेल कसने के लिये डीसी ने जारी किये चार निर्देश

ram janam hospital
Catalyst IAS

पदस्थापन की प्रतीक्षा में हैं घनश्याम

The Royal’s
Sanjeevani

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले घनश्याम अग्रवाल की सेवा पथ निर्माण विभाग को सौंप दी गई थी. चुनाव खत्म होने के बाद उनकी सेवा फिर से नगर विकास विभाग में आ गयी है. अभी वह पदस्थापन की प्रतीक्षा में हैं. जल्द ही आरआरडीए के टाउन प्लानर के पद पर उनका पदस्थापन होने वाला है. फाइल बढ़ चुकी है. इसे लेकर विभाग में तमाम तरह की चर्चा चल रही है.

यहां उल्लेखनीय है, झारखंड में नगर निगम हो या आरआरडीए, नक्शा पास करने में टाउन प्लानर की भूमिका महत्वपूर्ण रही है. कहा जाता है कि इस पद पर पैसे की बरसात होती है. यही कारण है कि टाउन प्लानर पद पर विभाग के अधिकारियों से लेकर मंत्री तक की नजर रहती है.

घनश्याम अग्रवाल के बारे में एक महत्वपूर्ण जानकारी उनकी सेवा को लेकर भी है. आम तौर पर किसी अभियंता की सेवा दूसरे विभाग में देने की एक प्रक्रिया है. प्रक्रिया के तहत पैतृक विभाग दूसरे विभाग को किसी अभियंता की सेवा ट्रांसफर करती है. फिर विभाग से किसी पद पर पदस्थापित किया जाता है.

पर, घनश्याम अग्रवाल के मामले में इस नियम को भी दरकिनार कर दिया जाता रहा है. पिछली बार पथ निर्माण विभाग ने उनकी सेवा सीधे टाउन प्लानर के पद पर भेजी थी. इस बार भी ऐसा ही होने जा रहा है.

इसे भी पढ़ें – NewsWing की खबर पर हुई जांच, DK पांडेय की पत्नी की जमीन की रजिस्ट्री गलत, रद्द होगी जमाबंदी

 

Related Articles

Back to top button