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देवघर रोप-वे हादसाः घटना के 70 दिनों बाद घटनास्थल पहुंची उच्चस्तरीय जांच समिति, हादसे के कारणों की पड़ताल

Ranchi/Deoghar: 10 अप्रैल को देवघर में त्रिकुट पर्वत पर रोप-वे हादसा हुआ था. इसमें तीन लोगों की जान चली गयी थी. 46 टूरिस्टों को सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय लोगों की मदद से 44 घंटे से अधिक समय तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बचाया गया था. अब इसकी जांच का काम शुरू हुआ है. जांच के लिए राज्य सरकारी की ओर से गठित उच्च स्तरीय समिति मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंची. कमेटी की अगुवाई वित्त सचिव अजय कुमार सिंह कर रहे हैं. पर्यटन सचिव अमिताभ कौशल, पर्यटन निदेशक राहुल कुमार सिन्हा के अलावे डायरेक्टर ऑफ माइंस एंड सेफ्टी रत्नाकर शुंकी और एनसी श्रीवास्तव (एडवाइजर, रोप-वे नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड) भी इसमें शामिल किये गये हैं.

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दो महीने बाद शुरू हुई जांच

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10 अप्रैल को रामनवमी के दिन हुए हादसे के बाद 19 अप्रैल को राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर जांच कमेटी का गठन किया था. कमेटी को दो महीने में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया था. 70 दिनों बाद जांच कमेटी देवघर पहुंची है. टीम ने अपनी जांच के दौरान रोप-वे संचालन के पूरे रूट को देखा. त्रिकुट पहाड़ पर भी टीम गई. घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद जांच टीम ने हादसे में फंसे लोगों से बातचीत की. साथ ही कर्मचारियों, रोप-वे संचालित करने वाले एजेंसी के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के भी बयान लिये. घटनास्थल पर वीडियोग्राफी कराई गयी. कमेटी डीसी और एसपी से भी बात करेगी. हादसा किन वजहों से हुआ, कमेटी यह भी बताएगी. रोप-वे के संचालन में बरती गयी लापरवाही, भविष्य के लिये रोप वे का सुरक्षित संचालन के मुद्दे पर भी अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी.

 

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मेले में रोप वे का संचालन नहीं

देवघर में अगले कुछ दिनों बाद श्रावणी मेला शुरू होना है. अब तक रोव वे हादसे की जांच का काम पूरा नहीं होने से मेले के दौरान इसके संचालन की उम्मीद नहीं है. गौरतलब है कि घटना के बाद मृतक के परिजन को पांच-पांच लाख और इसका संचालन करने वाले दामोदर रोप वे इंफ्रा ने 25-25 लाख का मुआवजा दिया था. घटना के चार दिन बाद प्रशासन के निर्देश पर रोप वे संचालन एरिया को सील कर दिया गया था. सीसीटीवी कैमरा की नजर में पूरे एरिया को ले लिया गया था.

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