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देवघर: बालू माफिया के सामने पुलिस प्रशासन फेल, अवैध उठाव से बदल रहा नदियों का स्वरूप

Deoghar: जिले के कई थाना क्षेत्र के नदी घाटों से अवैध रूप से बालू का उठाव लगातार जारी है. जिसमें सारवां के अजय नदी घाट, देवघर के बेंगी घाट, चांदन नदी के रढिया व कदरसा घाट आदि शामिल है. जिससे नदियों का स्वरूप दिनों दिन बदलते जा रहा है. अवैध बालू उत्खनन रोकने के लिए पुलिस के कड़े रुख के बावजूद भी बालू माफिया का कारोबार दिन-रात धड़ल्ले जारी है. शनिवार को अहले सुबह कई ट्रैक्टर अवैध बालू उठाव के लिए सड़क पर दौड़ते नजर आया. इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन या जिला खनन विभाग को भी है. लेकिन बालू माफिया के इस शातिराना अंदाज के सामने सब कुछ फेल है. सूत्रों की मानें तो अवैध खनन रात के अंधेरे में बालू का काला कारोबार खेल किया जाता है. जिले के अधिकारी सक्रिय है और उनके द्वारा समय समय पर छापेमारी की जाती है लेकिन बालू माफियाओं का खेल बदस्तूर जारी है. गौरतलब है कि नदियों से अवैध खनन से नदी का रुख लगातार बदलते जा रहा है. वहीं नदियों से सटे हुए ग्रामीणों के सिर पर खतरा मंडराने लगा है. बताया जाता है कि प्रत्येक दिन अहले सुबह  4 बजे से 6 बजे के बीच में नदियों से अवैध बालू उठाव किया जाता है. बालू माफियाओं को कई सफेद पोश नेताओं का संरक्षण भी प्राप्त है. इस बात को सरकार के मुलाजिम भी दबी जुबान से स्विकार करते हैं.

काफी मजबूत है बालू माफियाओं का सूचना तंत्र

जानकारी हो कि नदी क्षेत्र के इलाके में दलाल दिन रात  चौकीदारी करते हैं और प्रति ट्रैक्टर तीन सौ से पांच सौ रुपए तक की अवैध उगाही करते हैं. ताकि प्रशासन की गाड़ी की सूचना और पल-पल की खबर अवैध बालू माफियाओं को दी जा सके. बताते चले कि कुछ माह पहले बालू ट्रैक्टर पकड़ने, छोड़ने, लेनदेन का ऑडियो भी वायरल हुआ था जो कि अब तक पुष्टि नहीं हो पाई.

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