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सांसद निशिकांत की पत्नी अनामिका गौतम की एक और जमीन का म्यूटेशन रद्द करने का देवघर डीसी ने दिया आदेश

Ranchi/Deoghar: गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार भी मामला जमीन से ही जुड़ा है. सांसद निशिकांत की पत्नी अनामिका गौतम की कंपनी धन्यभूमि इंटरप्राइजेज ने नाम पर दर्ज करीब 31 एकड़ की जमीन का म्यूटेशन रद्द करने का आदेश देवघर डीसी ने दिया है. यह जमीन देवघर जिले के देवीपुर के होड़ाकुरा मौजा में स्थित है. जमीन का खाता नंबर 05 और 06 है. कुल जमीन 30.9 एकड़ है. इस विवादित जमीन का मामला काफी दिनों से देवघर डीसी के न्यायालय में चल रहा था. जिसपर डीसी ने फैसला सुना दिया है. यह पहली बार नहीं हुआ है कि सांसद निशिकांत की पत्नी अनामिका गौतम की कंपनी के नाम की जमीन की जमाबंदी रद्द हुआ हो. इससे पहले भी एक मामला ऐसा आया था. जिसे लेकर निशिकांत दुबे झारखंड हाईकोर्ट पहुंचे थे. कोर्ट से उन्हें राहत भी मिली.

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जानिए, किस आधार पर रद्द हुआ म्यूटेशन

देवघर डीसी ने सुनवाई के दौरान अपने आदेश में कहा है कि संथाल परगना में विशेषकर देवघर जिले में मूल रैयत पाए जाते हैं. जो कि एक प्रकार से किसी मौजा (ग्राम) के प्रधान होते हैं. एसपीटी एक्ट और साथ ही पटना हाई कोर्ट के एक आदेश के मुताबिक यहां के जमीन पर मालिकाना हक यहां के मूल रैयत का ही होता है. पटना हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि गांव आने-जाने वालों को भी मूल रैयत का दर्जा नहीं देना है. इस मामले में उमेश कुमार की तरफ से एक व्यवसायिक प्रतिष्ठान धन्यभूमि इंटरप्राइजेज प्रोपराइटर दिल्ली निवासी को जमीन का हस्तांतरण किया गया. जो कि संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम 1949 की मूल भावना के प्रतिकूल (उल्टा) है. एक व्यवसायिक प्रतिष्ठान किसी मौजा का मूल रैयत या प्रधान नहीं हो सकता है और ना ही व्यवसायिक प्रयोजन के लिए उस जमीन का इस्तेमाल कर सकता है. धन्यभूमि इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर मौजा या गांव के स्थाई निवासी ना होकर दिल्ली की एक व्यवसाई कंपनी है. डीसी ने अपने आदेश में साफ कहा है कि इस मामले में मूल रैयत के रिकॉर्ड ऑफ राइट्स तथा संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम 1949 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए जमीन का हस्तांतरण करने की कोशिश की गयी है. आदेश के माध्यम से देवघर डीसी ने देवीपुर सीओ को निर्देश दिया है कि पंजी-2 में रिकॉर्ड ऑफ राइट्स के अनुरूप मौजा हाड़ोकुरा. थाना नंबर 42 के खाता संख्या 5 और 6 के संपूर्ण जमाबंदी के कुल 30.95 एकड़ भूमि मूल रैयत और उनके को-शेयर्स नाम पर दर्ज कराना सुनिश्चित करेंगे. जब तक यह सारी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती है, रोजाना प्रशासन जमीन का मुआयना करेगा और तब-तक इस जमीन का कस्टोडियन देवघर एसडीओ रहेंगे.

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डीसी के आदेश को हो रहा पालनः सीओ देवीपुर

इस मामले पर न्यूज विंग से बात करते हुए देवीपुर के सीओ सुनील कुमार ने कहा है कि डीसी के आदेश का पालन हो रहा है. जमीन मूल रैयत को वापस करने की प्रक्रिया जारी है.

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