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Deoghar :  मनरेगा योजनाओं में बरती गयी अनियमितता की होगी एसीबी से जांच, सीएम का निर्देश

♦योजनाओं में 50 प्रतिशत कार्य फर्जी और डोभा निर्माण में जेसीबी का इस्तेमाल करने से जुड़ा है मामला

♦देवघर प्रखंड स्थित मसनजोरा ग्राम पंचायत के मथुरापुर ग्राम से जुड़ा है मामला

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Ranchi  :  केंद्र की महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना में फर्जीवाड़े की खबर हमेशा सुर्खियों में बनी रही है. ठीक ऐसा ही एक मामला देवघर प्रखंड स्थित मसनजोरा ग्राम पंचायत के मथुरापुर ग्राम से जुड़ा है. यहां पर मनरेगा योजना के तहत जो योजनाएं ली गयी थीं, उनमें करीब 50 प्रतिशत कार्य फर्जी पाये जाने की बात सामने आयी है. इसके अलावा डोभा के निर्माण में भी जेसीबी मशीन का इस्तेमाल किया गया. साथ ही फर्जी मास्टर रोल के आधार पर राशि की भी निकासी कर ली गयी, जो मनरेगा गाइडलाइन के प्रतिकूल है.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बरती गयी अनियमितता की जांच का जिम्मा अब एसीबी को दिया है. उन्होंने अनियमितता की जांच के लिए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को पीई दर्ज करने की अनुमति देते हुए जांच प्रतिवेदन शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. बता दें कि मनरेगा योजनाओं में अनियमितता मामले में मसनजोरा ग्राम पंचायत की मुखिया गायत्री देवी और मुखिया पति अशोक ठाकुर और उनके सहयोगी लोचन महतो को दर्ज परिवादपत्र में आरोपी बनाया गया है.

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शहीद के आश्रित को नौकरी देने का निर्देश

अपने एक दूसरे आदेश में मुख्यमंत्री सोरेन ने सीमा सुरक्षा बल के शहीद आरक्षक स्वर्गीय किशन कुमार दुबे के आश्रित भाई जयशंकर दुबे को अनुकंपा के आधार पर तृतीय वर्ग के पद पर नियुक्ति की स्वीकृति दी है. बात दें कि 9 जुलाई 2015 को कर्तव्य निर्वहन के दौरान किशन कुमार दुबे शहीद हो गये थे. अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति का प्रस्ताव जमशेदपुर डीसी से मिला हुआ है.

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