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जल कर व वाटर कनेक्शन शुल्क में वृद्धि के विरोध में मेयर के नेतृत्व में राजभवन के समक्ष धरना-प्रदर्शन

राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

Ranchi: बुधवार को राज्य सरकार द्वारा जल कर व वाटर कनेक्शन शुल्क में की गई वृद्धि के विरोध में मेयर आशा लकड़ा के नेतृत्व में एक हजार से अधिक लोगों ने राजभवन के समक्ष एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया. धरना-प्रदर्शन के बाद राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा गया.

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इस अवसर पर मेयर आशा लकड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पूरे राज्य में नगर निकाय से लेकर नगर पंचायत स्तर तक जल कर व वाटर कनेक्शन शुल्क में वृद्धि कर आम जनता के ऊपर आर्थिक बोझ डालने का काम किया है. इसके बाद नगर आयुक्त ने रांची नगर निगम परिषद की बैठक में इस प्रस्ताव अस्वीकृत किए जाने के बावजूद अपनी मनमानी कर बैक डेट से जल कर व वाटर कनेक्शन में की गई वृद्धि को अवैध रूप से लागू कर दिया.

मेयर आशा लकड़ा ने राजधानीवासियों अपील करते हुए कहा कि जल कर का भुगतान पुराने दर पर ही करें. राज्य सरकार की ओर से निर्धारित की गई नई जल कर नीति का विरोध करें.

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रांची नगर निगम की ओर से यदि जल कर की नई दर के हिसाब से जल कर का भुगतान करने का नोटिस या बिल भेजा जाता है तो कदापि उसका भुगतान न करें क्योंकि निगम से अस्वीकृत होने के बावजूद गैर कानूनी तरीके से रांची में लागू किया गया है.

स्थानीय विधायक सीपी सिंह ने कहा कि आम लोगों को जल मिलना चाहिए. जल ही जीवन है. परंतु हेमंत सरकार ने जल कर व वाटर कनेक्शन शुल्क में वृद्धि कर बहुत बड़ा गुनाह किया है. राजधानी के लोगों को वर्तमान में नियमित रूप से जलापूर्ति भी नहीं की जा रही है.

कभी पानी मिलता है तो कभी चार-चार दिनों तक राजधानी के लोगों को पानी नसीब नहीं होता. इस परिस्थिति में राज्य सरकार जल कर में कटौती तो नहीं करती है.

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राजधानी के लोगों को पानी चाहिए. इसलिए राज्य सरकार को सबसे पहले हर घर तक नल से जलापूर्ति की व्यवस्था करनी चाहिए, परंतु राज्य सरकार ने ठीक इसके विपरीत जल कर में वृद्धि करने की पहल कर दी, जो न्यायोचित नहीं है.

कांके विधायक समरी लाल ने हेमंत सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि हमें हथकडि़यों का डर मत दिखाओ, जेल हमने भी देखा है. जब तक जेल में चना रहेगा, आना-जाना लगा रहेगा.

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उन्होंने कहा कि इस लड़ाई को अंतिम क्रिया तक भी ले जाना होगा तो हम ले जाएंगे. यदि इस धरना के माध्यम से राज्य सरकार नहीं चेती तो हेमंत सरकार की जेल छोटी पड़ जाएगी.

उन्होंने यह भी कहा कि जब तक यह सरकार जल कर में कई गई वृद्धि से संबंधित अधिसूचना को वापस नहीं लेती, तब तक यह जन आंदोलन जारी रहेगा. अंग्रेजों ने नमक पर टैक्स लगाया था, अब हेमंत सोरेन की सरकार पानी पर टैक्स लगाकर अपनी कब्र खोद रही है.

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विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि जेएमएम व कांग्रेस गठबंधन की सरकार जबसे सत्ता में आई है, तबसे आम जनता त्रस्त हो चुकी है. राजधानी के लोग अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर पत्र लिखते-लिखते थक चुके हैं, परंतु राज्य के मंत्री व मुख्यमंत्री सत्ता के सुख में मस्त हैं.

यदि आप चाहते हैं कि रांची नगर निगम के अधिकारी आपको नोटिस पर नोटिस न भेजें तो आपको एकजुट होना होगा. सड़क पर उतरना होगा. राज्य सरकार की जान विरोधी नीति का विरोध करना होगा.

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आरती कुजूर ने कहा कि राज्य सरकार ने पानी पर जो टैक्स बढ़ाया है, उसे किसी कीमत पर लागू नहीं होने देंगे. सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे.

डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने कहा कि यह सरकार जनविरोधी है और आम जनता को ठगने का काम कर रही है.

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