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कृषि विधेयक के खिलाफ पलामू-गढ़वा में प्रदर्शन, घेरा गया समाहरणालय और अनुमंडल कार्यालय

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Palamu/Garhwa: केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये कृषि एवं श्रम सुधार विधेयक के खिलाफ पूरे देश में चल रहे आंदोलन के क्रम में पलामू प्रमंडल में भी प्रदर्शन किया गया.

पलामू एवं गढ़वा जिले में वामपंथी पार्टियों के द्वारा कृषि एवं श्रम सुधार विधेयक को किसान एवं मजदूर विरोधी बताकर जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया गया. पलामू में समाहरणालय का जहां घेराव किया गया, वहीं गढ़वा जिले के नगर उंटारी अनुमंडल में प्रदर्शन किया गया.

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जुलूस निकालकर प्रदर्शन

कृषि विधेयक के खिलाफ पलामू-गढ़वा में प्रदर्शन, घेरा गया समाहरणालय और अनुमंडल कार्यालयकृषि सुधार एवं श्रम सुधार के नाम पर किसान एवं मजदूर विरोधी विधेयक को लोकसभा एवं राज्यसभा से बिना मत पास कराने के विरोध में पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में प्रदर्शन किया गया.

विरोध प्रदर्शन कम्युनिस्ट पार्टी जिला कार्यालय से जुलूस के शक्ल में शुरू हुआ और नारे लगाते हुए उपायुक्त गेट को जाम कर दिया गया.

विरोध प्रदर्शन में मजदूर विरोधी विधेयक वापस लो, कृषि सुधार के नाम पर किसानों को पूंजी पतियों के गुलाम बनाना बंद करो. मोदी सरकार देश बेचना बंद करो आदि नारे लगाये गये. पलामू में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जिला सचिव रूचिर कुमार तिवारी ने किया.

प्रदर्शनकारियों एवं लोगों को संबोधित करते हुए राज्य कार्यकारिणी सदस्य सूर्यपत सिंह ने कहा कि मोदी सरकार कृषि सुधार के नाम पर किसानों को उपज का लाभकारी मूल्य देने की बात कहकर अदानी-अंबानी जैसे कारपोरेटों पर निर्भर बना रहे हैं.

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कॉरपोरेट किसानों से जमीन एकरारनामा लेकर उसी किसान को मजदूर बनाकर काम करायेगा और मुनाफा के बंटवारा में किसानों को मतभेद हुआ तो किसान कॉरपोरेट के खिलाफ अदालत में नहीं जा सकते हैं.

जिला सचिव रूचिर कुमार तिवारी ने कहा कि भाजपा सरकार कृषि सुधार के नाम पर राज्यसभा में बिना मत विभाजन कराये कृषि सुधार विधेयक पास करा दिया गया. कृषि सुधार विधेयक के पास हो जाने के बाद कंपनियां न्यूनतम समर्थन मूल्य को ताक पर रखकर मनमानी रूप से होने पर किसानों से अनाज खरीद करेंगी और मुंहमांगी कीमत पर आम जनता को देंगे, जिससे किसानों का शोषण बढ़ेगा. तीसरे विधेयक में अनाज जिसमें चावल चावल, गेहूं, दाल पेयाज, आलू, खाद्य पदार्थ आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं से हटा दिया गया.

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मोदी के कारपोरेट प्रेम को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी. प्रदर्शन के बाद  उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित 5 सूत्री मांग पत्र दिया गया.

विरोध प्रदर्शन में राज्य कमेटी सदस्य मनाजरूल हक, जितेंद्र कुमार सिंह, सुरेश ठाकुर, केडी सिंह, जिला कमेटी सदस्य ललन कुमार सिन्हा संतु सिंह, चंद्रशेखर तिवारी, चलीतर भुइंया, राजेंद्र बैठा, प्रभु साव, पूरनचंद साव, अजेश चौहान, आलोक कुमार तिवारी, राजदेव उरांव, मृत्युंजय तिवारी, कुलदीप पंडित, अलाउद्दीन और प्रभु कुमार शर्मा, राजीव रंजन, संजीव कुमार संजू सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे.

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गढ़वा में भी प्रदर्शन

उधर, गढ़वा के नगर उंटारी अनुमंडल कार्यालय परिसर में भाकपा, भाकपा माले एवं एटक के नेताओं ने केंद्र सरकार के द्वारा लाये गये कृषि बिल को वापस लेने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. उस मौके पर भाकपा के नेता गणेश सिंह ने कहा कि केंद्र कि नरेन्द्र मोदी की सरकार के द्वारा लाया गया कृषि बिल गरीब किसान विरोधी है. यह बिल सिर्फ पूंजीपतियों को बढ़ावा देने के लिए लाया गया है.

कार्यक्रम के अंत में नेताओं ने राज्यपाल के नाम कृषि बिल वापस लेने समेत बारह सूत्री मांग पत्र एसडीओ की अनुपस्थिति में मजिस्ट्रेट अजय तिर्की को सौंपा. इसके पूर्व भाकपा एवं भाकपा माले के नेताओं ने भवनाथपुर मोड़ से लेकर अनुमंडल कार्यालय तक पैदल मार्च किया. इस दौरान नेताओं ने गरीब किसान विरोधी कृषि बिल वापस लेने समेत केंद्र सरकार के विरोध में कई नारे लगाये. प्रदर्शन में नौरंगी पाल, देवीदयाल मेहता, श्रीराम, मुन्ना राम, रामेश्वर प्रसाद अकेला, राजकुमार राम, कामेश्वर विश्वकर्मा समेत बड़ी संख्या में नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद थे.

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