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धार्मिक स्थल श्रद्धालुओं के लिए खोलने की मांग हुई तेज, बाबूलाल ने रथयात्रा के लिए सरकार से लगायी गुहार

हजारीबाग के विधायक मनीष जायसवाल सहित कई नेताओं ने भी किया अनुरोध

 

Ranchi : राज्य में कोरोना की दूसरी लहर लगातार कमजोर होती दिख रही है. इसे देखते अनलॉक के जरिये कई सेक्टर औऱ सुविधाओं को फिर से आम जनों के लिये सरकार बहाल कर रही. पर धार्मिक स्थलों, केंद्रों को खोले जाने के मामले में अब भी सरकार बच रही. इधर देवघर में लगने वाला विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले का समय भी करीब आ रहा है.

रजरप्पा (रामगढ़) स्थित लोक आस्था का प्रसिद्ध केंद्र मां छिन्नमस्तिका मंदिर में ताला लगा पड़ा है. रांची के जगन्नाथपुर में सदियों ले चली आ रही रथयात्रा तो एकदम पास है. पूर्व सीएम और भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार से इस दिशा में आगे बढ़ने की अपील की है.

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कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए खोले जायें

बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया के जरिये राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वह कोरोना गाइडलाइन की शर्तों पर धार्मिक केंद्रों को खोलने, आयोजनों की अनुमति पर विचार करें. उनके मुताबिक जगन्नाथपुर (रांची) में सदियों से भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकलती रही है. इससे लोगों की आस्था जुड़ी है. हाईकोर्ट के मुताबिक रथयात्रा निकालने पर फैसला राज्य सरकार को करना है. सरकार को इसके अलावा देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ मंदिर और रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर को खोलने का भी आदेश देना चाहिये.

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लाखों लोगों की रोजी-रोटी हो रही है प्रभावित

हजारीबाग विधायक मनीष जायसवाल सहित अन्य लोगों ने भी सीएम हेमंत सोरेन से धार्मिक स्थलों, केंद्रों को खोले जाने को लेकर अनुरोध किया है. उनसे मिलकर भी इसके लिये अपील की है. जनप्रतिनिधियों के मुताबिक इससे तीर्थयात्रियों, भक्तों के आसरे अपनी दाल-रोटी कमाने वालों को भी बड़ी राहत मिलेगी.

मनीष जायसवाल ने सीएम से कहा भी था कि कोरोना की स्थिति सामान्य होते ही सिनेमा हॉल, बाजार, जिम, पार्क सहित अन्य कई प्रतिष्ठानों को खोल दिया गया है. ऐसे में मंदिरों को खोलने की इजाजत नहीं दिये जाने से भी सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी है. मंदिरों से हजारों लोगों का जीविकोपार्जन जुड़ा है. मंदिर नहीं खुलने से ऐसे हजारों लोगों के सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो रही है.

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बगैर श्रद्धालुओं के ही खुले हैं मंदिर

गौरतलब है कि गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने बाबा बैद्यनाथ और दुमका स्थित बासुकीनाथ मंदिर खोले जाने को लेकर सीएम हेमंत सोरेन को लेटर लिखा था. इसके बाद दोनों मंदिरों को खोलने की अनुमति तो मिली पर भक्तों का प्रवेश स्थगित रखा गया है. इसे लेकर सांसद ने आपत्ति भी जतायी है. कहा कि उनके पत्र के आलोक में बाबा बैद्यनाथ मंदिर और बासुकीनाथ मंदिर तो खोल दिया गया पर बगैर श्रद्धालुओं के इसे खोला जाना विचित्र है. टेस्ट व कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए सी

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