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भारतीय रेल के 80 हजार इंजीनियर आंदोलनरत,आइआरएस की तरह सिक्योर्ड प्रमोशन की मांग

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Dhanbad : देश के 80 हजार रेलवे इंजीनियर ‘सिक्योर्ड प्रमोशन’ की मांग को लेकर एक महीने से आंदोलनरत हैं. मांग है कि आरआरबी के तहत बहाल हुए इंजीनियरों को भी ग्रुप ‘बी’ का दर्जा दिया जाए. इनको भी आइआरएस की तरह प्रमोशन और भत्ता मिले. इंजीनियर ऑल इंडिया रेलवे इंजीनियर्स फेडरेशन के बैनर तले पूरे देश के विभिन्न जोन और डिवीजनों में 27 नवंबर से आंदोलन कर रहे हैं.

दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी कर चुके हैं आंदोलन

अपनी मांग को लेकर इंजीनियरों ने ऑल इंडिया स्तर पर 13 दिसंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी आंदोलन किया था. लेकिन उसका परिणाम अब तक नहीं निकला. इसके अलावा विभिन्न डिवीजनों में भी आंदोलन किया जा रहा है.

कई बार सौंपा ज्ञापन, हर बार मिला सिर्फ आश्वासन

अपनी मांगों को लेकर इस्ट सेंट्रल रेलवे इंजीनियर एसोसिएशन ने अपने राष्ट्रीय संगठन ऑल इंडिया रेलवे इंजीनियर्स फेडरेशन के माध्यम से प्रधानमंत्री, रेलमंत्री और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष से मिलकर ज्ञापन भी सौंपा. लेकिन हर बार सिर्फ आश्वसन ही मिला. वेतनमान में बढ़ोतरी और “ग्रुप बी” (सिक्योर्ड प्रमोशन) का दर्जा प्राप्ति की मांग को लेकर 100 से अधिक सांसदों से मिलकर मदद की गुहार लगायी है. सांसदों ने रेल मंत्री को पत्र लिखा और 10 से अधिक सांसदों ने संसद में यह मांग उठायी गयी, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला.

धनबाद में ब्लैक दिवस के रूप में धरना दिया

ऑल इंडिया रेलवे इंजीनियर्स फेडरेशन की अपील पर गुरुवार को धनबाद डिवीजन के इंजीनियरों ने सुबह 11 बजे से डीआरएम कार्यालय के पास धरना दिया. साथ ही काला दिवस के रूप में मनाया. आंदोलन की समाप्ति 4 बजे मंडल रेल प्रबंधक, धनबाद को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंप कर इंजीनियरों ने किया.

एसोसिएशन के सदस्य राकेश महतो ने बताया कि वर्तमान में पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर में 3 हजार  इंजीनियर, धनबाद डिवीजन में 750 इंजीनियर समेत पूरे भारत में 80 हजार इंजीनियर हैं. इनकी बहाली आरआरबी के अंतर्गत हुई है. इसके अंतर्गत बहाल हुए इंजीनियरों को ‘ग्रुप सी’ का दर्जा मिलता है. इसमे प्रमोशन न के बराबर ही होता है. जबकि एक ही डिग्री प्राप्त वैसे इंजीनियर जिनकी बहाली यूपीएससी से हुई उनको ‘ग्रुप ए’ का दर्जा मिलता है.

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