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देश के 11 राज्यों की सिविल सेवा परीक्षा में अधिकतम उम्र सीमा 35 के ऊपर, झारखंड में भी बदलाव को लेकर मांग शुरू

Rahul Guru

Ranchi : झारखंड में लोकसेवा आयोग की ओर से ली जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा में अधिकतम उम्र सीमा को लेकर विवाद शुरू हो चुका है. आयोग ने सातवीं से 10 वीं सिविल सेवा परीक्षा में उम्मीदवारों के अधिकतम उम्र सीमा की गणना एक फरवरी 2021 से की जायेगी. विवाद इसी को लेकर हो रही है. स्टूडेंट्स अधिकतम उम्र को 35 साल से ऊपर करने की मांग कर रहे हैं.

इसलिए उम्र सीमा बढ़ाने की कर रहे हैं मांग

उम्मीदवार देश के 11 अन्य राज्यों का हवाला देते हुए अधिकतम उम्र सीमा को बढ़ाने कि बात कर रहे हैं. हालांकि, आयोग का इसपर कोई पक्ष नहीं आया है. उम्मीदवारों की ओर से अधिकतम उम्र सीमा को 35 साल के ऊपर करने के पीछे का तर्क है कि राज्य में सिविल सेवा परीक्षा नियमित रूप से नहीं हुई है. ऐसे में बड़ी संख्या में ऐसे उम्मीदवार हैं जिन्होंने अब तक दो या तीन सिविल सेवा परीक्षा ही दी है. ऐसे में आगामी सिविल सेवा परीक्षा में अधिकतम उम्र सीमा के निर्धारण में 10 साल का अंतर करने से उम्मीदवारों के भविष्य पर पूर्ण विराम लग जायेगा.

देश के 11 राज्य में उम्र सीमा 35 के ऊपर

देश में 11 राज्य ऐसे हैं जहां कि लोक सेवा आयोग में अधिकतम उम्र सीमा को 35 वर्ष से ऊपर रखा है. झारखंड में उम्मीदवार इन्हीं राज्यों का उदाहरण देते हुए अधिकतम उम्र सीमा को बढाने की बात कर रहे हैं. दूसरे राज्यों की बात करें तो गोवा,  तेलंगाना,  असम,  उत्तराखंड,  आंध्र प्रदेश, हरियाणा,  उत्तर प्रदेश,  राजस्थान,  त्रिपुरा,  पश्चिम बंगाल,  मध्य प्रदेश जैसे राज्यों की सिविल सेवा परीक्षा में अधिकतम उम्र सीमा 35 साल से ऊपर है.

किस राज्य में कितनी है अधिकतम उम्र सीमा

गोवा : 45 साल

तेलंगाना : 44 साल

असम :  44 साल

उत्तराखंड : 42 साल

आंध्र प्रदेश : 42 साल

हरियाणा : 42 साल

उत्तर प्रदेश : 40 साल

राजस्थान : 40 साल

त्रिपुरा : 40 साल

पश्चिम बंगाल : 40 साल

मध्य प्रदेश : 40 साल

जानिये क्या है नयी नियमावली में अधिकतम उम्र सीमा

राज्य सरकार द्वारा सिविल सेवा परीक्षा के लिए बनी नयी नियमावली में अधिकतम उम्र सीमा का निर्धारण किया गया है. इसके तहत अनारक्षित (सामान्य) के लिए 35 वर्ष,  बीसी वन व बीसी टू के लिए 37 वर्ष,  महिला के लिए 38 वर्ष,  एसटी/एससी के लिए 40 वर्ष, इडब्ल्यूएस के लिए 35 वर्ष, नि:शक्त को अपने केटोगरी में 10 वर्ष की छूट, एक्स सर्विसमैन के लिए अपने केटोगरी में पांच वर्ष की छूट दी गयी है. इसी प्रकार तीन वर्ष तक सरकारी नौकरी में नियमित रूप से कार्य करनेवाले अभ्यर्थी को अधिकतम उम्रसीमा में पांच वर्ष की छूट दी गयी है.

मुख्यमंत्री से भी उम्मीदवारों को उम्मीद

आगामी सिविल सेवा परीक्षा में अधिकतम उम्र सीमा की गणना में बदलाव को लेकर उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी पत्र लिखा है. इसके अलावा स्टूडेंट्स कि ओर से भाजपा नेता व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को भी पत्र भेजा गया है.

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