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#DelhiViolence: आधी रात को #JusticeMuralidhar के ट्रांसफर पर राहुल-प्रियंका का आरोप, कहा- न्याय का मुंह बंद करना चाहती है सरकार

New Delhi: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली हिंसा मामले में सुनवाई करने वाले दिल्ली हाइकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस मुरलीधर के तबादले पर सवाल खड़े किये हैं.

गुरुवार को उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने न्याय का मुंह बंद करने का प्रयास किया है. गौरतलब है कि जज का ट्रांसफर बुधवार देर रात किया गया. जिसे लेकर अब सरकार सवालों के घेरे में है.

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क्या कहा राहुल-प्रियंका ने

राहुल गांधी ने दिवंगत न्यायाधीश लोया के मामले का उल्लेख किया और सरकार पर तंज करते हुए ट्वीट किया कि बहादुर न्यायाधीश लोया को याद कर रहा हूं कि जिनका तबादला नहीं किया गया था.

प्रियंका ने ट्वीट कर कहा कि न्यायमूर्ति मुरलीधर का मध्यरात्रि में तबादला मौजूदा शासन को देखते हुए चौंकाने वाला नहीं है. लेकिन यह निश्चित तौर पर दुखद और शर्मनाक है.

उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों भारतीय नागरिकों को न्यायपालिका पर आस्था है. न्याय को अवरुद्ध करने और लोगों का विश्वास तोड़ने का सरकार का प्रयास निंदनीय है.

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पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट ट्रांसफर

दरअसल, मुरलीधर को पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट में तबादला किया गया है. उन्होंने दिल्ली हिंसा के मामले पर सुनवाई की थी.

गौरतलब है कि न्यायमूर्ति मुरलीधर दिल्ली हिंसा मामले की सुनवाई कर रहे थे और यह अधिसूचना ऐसे दिन जारी की गयी जब उनकी अगुवाई वाली पीठ ने कथित रूप से नफरत फैलाने वाले भाषणों को लेकर तीन भाजपा नेताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस के प्राथमिकी दर्ज नहीं करने पर ‘‘नाराजगी’’ जतायी थी.

विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने प्रधान न्यायाधीश से विचार-विमर्श के बाद यह फैसला किया. अधिसूचना में हालांकि, यह जिक्र नहीं किया गया है कि न्यायमूर्ति मुरलीधर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अपना कार्यभार कब संभालेंगे. 

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