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दिल्ली हिंसा: पुलिस ने ताहिर हुसैन को बताया मास्टरमाइंड, एक करोड़ 10 लाख खर्च करने का भी आरोप

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New Delhi: इस साल फरवरी में दिल्ली में हुए दंगों को लेकर दिल्ली क्राइम ब्रांच ने चार्जशीट दायर की है. इसमें आप पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन को मास्टरमाइंड बताया गया है. दिल्ली पुलिस का आरोप है कि दंगा कराने के लिए ताहिर हुसैन ने करोड़ो रुपये खर्च किये. वो जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और खालिद सैफी के संपर्क में भी था.

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जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद के संपर्क में था ताहिर

मंगलवार को कड़कड़डूमा कोर्ट में दाखिल आरोप पत्र में पुलिस ने आरोप लगाया कि आठ जनवरी, यानी पूर्वोत्तर दिल्ली में हुए सांप्रदायिक हिंसा से एक महीने से अधिक समय पहले, ताहिर हुसैन जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के खालिस सैफी से सीएए विरोधी शाहीन बाग प्रदर्शन स्थल पर मिला था.

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इस दौरान उमर खालिद ने उनसे कहा कि ‘अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की यात्रा के दौरान कुछ बड़ा/दंगों के लिए तैयार रहें.’ इस काम में वो और पीएफआइ सदस्य उनकी (हुसैन) की आर्थिक मदद करेंगे. पुलिस ने ताहिर समेत 15 लोगों को आरोपी बनाया है. इनमें ताहिर का छोटा भाई शाह आलम भी है.

एक करोड़ 10 लाख खर्च करने का आरोप

आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन ने सीएए विरोधी प्रदर्शनों और उसके बाद उतरपूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के लिए कथित तौर पर एक करोड़ दस लाख रुपये खर्च किए. यह जानकारी दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मंगलवार को कड़कड़डूमा अदालत में पेश 1030 पन्नों के आरोप पत्र में दी.

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आरोप पत्र में कहा गया कि हुसैन ने अपनी कथित फर्जी कंपनियों के अकाउंट से एक करोड़ 10 लाख रुपये ट्रांसफर किये थे. उसने जनवरी 2020 के दूसरे हफ्ते में कई लेन-देन के माध्यम से कैश हासिल किए और फिर इसे सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के बीच बांट दिया. पुलिस ने हुसैन की दो कंपनियों के बैंक ब्यौरे भी एचडीएफसी बैंक से हासिल किये हैं. आरोप पत्र के मुताबिक बैंक खाते के ब्यौरे में 92 लाख रुपये के छह संदिग्ध लेन-देन हुए.

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आरोप पत्र के मुताबिक हुसैन ने पूछताछ में दंगों में संलिप्त होने की बात स्वीकार की और यह भी कहा कि इलाके में उनके घर के पास जब दंगा भड़का तो वह अपनी घर के छत पर मौजूद थे. जांच में सामने आया कि ताहिर ने दंगे के दौरान अपनी लाइसेंसी पिस्टल का इस्तेमाल किया था. जिसे उसने दंगे शुरू होने के ठीक एक दिन पहले ही रिलीज करवाया था.

बता दें कि दिल्ली के चांद बाग इलाके में आप के निलंबित पार्षद के घर के बाहर 24 फरवरी को दोपहर करीब सवा दो बजे हुए दंगों में हुसैन की कथित भूमिका को लेकर उसे गिरफ्तार किया गया था. इस सिलसिले में खजूरी खास थाने में हुसैन सहित 15 लोगों के खिलाफ दंगे का मामला दर्ज किया गया था.

पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान पता चला कि उतरपूर्वी दिल्ली में दंगे के लिए गहरी साजिश रची गयी और आम आदमी पार्टी के नेता तथा पूर्वी दिल्ली नगर निगम के पार्षद हुसैन ने घटना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

वहीं ताहिर के वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आप के निलंबित पार्षद के जवाब को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है. वकील जावेद अली ने दावा किया कि उनके राजनीतिक विरोधियों ने षड्यंत्र रचकर उन्हें फंसाया है. उन्होंने कहा कि हुसैन यहां आरोपी नहीं पीड़ित हैं.

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