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दिल्ली और कोलकता पुलिस ने जामताड़ा साइबर गैंग के 30 अपराधियों को दबोचा

Ranchi: साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. बीते दिनों में जामताड़ा साइबर गैंग के खिलाफ दिल्ली और कोलकाता पुलिस की साइबर सेल ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. इस रेड के दौरान साइबर सेल ने 30 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. उनमें से जामताड़ा से 14 तो कोलकाता से 16 साइबर क्रिमिनल्स को पुलिस ने धर दबोचा है.

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जामताड़ा से 14 साइबर अफराधी गिरफ्तार

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झारखंड का जामताड़ा एक ऐसा इलाका है, जो देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी साइबर ठगी के लिए जाना जाता है. पिछले कई दिनों से दिल्ली पुलिस का साइबर सेल ऑपरेशन प्रहार के तहत ऑनलाइन ठगी के इस नेटवर्क का पीछा कर रहा था. इसी ऑपरेशन के चलते साइबर सेल की टीम ने झारखंड के जामताड़ा में करीब एक हफ्ते तक डेरा डाले रही. और इसी दौरान इस टीम ने 14 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया.

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इस गैंग का मास्टरमाइंड अल्ताफ है, जो “रॉकस्टार” के नाम से भी जाना जाता है. जिसकी जामताड़ा इलाके में करोड़ों रुपये की संपत्ति और गाड़ियां मौजूद हैं. गिरफ्तारी के वक्त अल्ताफ कार में बैठकर बंगाल भागने की कोशिश कर रहा था. पुलिस ने 100 किलोमीटर तक उसका पीछा किया और से पकड़ लिया. ठगी के पैसे से अल्ताफ ने जामताड़ा में 2 करोड़ रुपये की कीमत का घर और लाखों रुपये की गाड़ियां खरीदी हैं, जो पुलिस ने जब्त कर ली हैं.

अल्ताफ के गैंग में दर्जनों लोग हैं और हर किसी का अलग अलग काम है. इस गैंग में सभी को अपने काम में महारत हासिल है.  दिल्ली पुलिस साइबर सेल के डीसीपी अनियेश रॉय के मुताबिक इस गैंग के लोग यूपीआई पेमेंट करने के नाम पर, केवाईसी अपग्रेड करने के नाम पर या फिर अलग-अलग बैंक केफर्ज़ी एप और साइट्स बनाकर ठगी करते हैं. ये लोग एप के या बैंक के फ़र्ज़ी लिंक ग्राहकों को भेजते हैं और फिर ऑनलाइन ठगी करते हैं. अभी तक ये करोड़ो की ठगी कर चुके हैं. इस गैंग के पकड़े जाने से 9 राज्यों में साइबर ठगी के 36 केस सुलझे हैं. जिसमें कुल मिलाकर 1.2 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी.

गैंग का एक मेम्बर हर रोज कम से कम 40 लोगों को कॉल करता था. जिसमें 4-5 लोग फंस जाते थे. इसके अलावा इन 14 लोगों में एक आरोपी मास्टर जी उर्फ गुलाम अंसारी है, जो फ़र्ज़ी वेबसाइट बनाने में माहिर है. वो फेक वेबसाइट को गूगल एड के जरिये पुश करता था. अल्ताफ इस काम के लिए हर रोज मास्टर जी को 40-50 हज़ार रुपये देता था. इस गैंग के लोग पुलिस से बचने के लिए छोटे-छोटे मॉड्यूल में काम कर रहे थे.

 

कोलकाता में जमाताड़ा गैंग के 16 अपराधी गिरफ्तार

कोलकाता पुलिस ने कुख्यात जामताड़ा गैंग के 16 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह महानगर में साइबर व बैंक धोखाधड़ी की बड़ी साजिश रच रहा था और पिछले कुछ महीनों से यहां सक्रिय था. पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य कोलकाता के अलावा झारखंड के जामताड़ा, गिरिडीह और धनबाद के रहने वाले है. ये लोग कई लोगों को चुना भी लगा चुके हैं और इनके बारे में कोलकाता पुलिस को बड़ी संख्या में शिकायतें मिली थी. इसके बाद कोलकाता पुलिस के जासूसी विभाग की टीम ने महानगर में कई स्थानों पर छापेमारी कर इन लोगों को गिरफ्तार किया.

पुलिस ने इनके पास से बड़ी संख्या में फर्जी सिम कार्ड, मोबाइल और लैपटाप के अलावा फर्जी बैंक पासबुक व अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं.

गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान प्रदीप मंडल, रितेश मंडल, विनीत मंडल, कमल मंडल, छोटेलाल मंडल, ज्ञानसन मंडल, राजेश मंडल, समसूर मंडल, उमेश, बिकारम मंडल, मैनुल मंडल, जीतन मंडल, धर्मेंद्र कुमार मंडल, जयदीप मंडल, दिलीप मंडल ,अरुण मंडल के रूप में हुई है. पुख्ता सूचना के आधार पर कोलकाता पुलिस ने छापेमारी कर इन सभी को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया. यह गिरोह शहर में एक बड़ी जालसाजी की साजिश रच रहा था. गौरतलब है कि साइबर अपराध के लिए जामताड़ा गैंग पूरे देश में कुख्यात है.

 

कैसे करते हैं ठगी?

फर्जी नामों के आधार पर मोबाइल सिम कार्ड खरीदे जाते हैं. उसके बाद बैंक ग्राहकों को गिरोह के सदस्य काल करते हैं और खुद को बैंक मैनेजर या कर्मचारी होने का परिचय देते हैं. फिर ग्राहकों को झांसे में लेकर बताया जाता है कि आपका एटीएम या खाता ब्लाक हो गया है और इसे शुरू करने के लिए कुछ एटीएम कार्ड की जानकारी मांगी जाती है. कई लोग इनके झांसे में फंस जाते हैं और बैंक में जमा अपनी गाढ़ी कमाई एक झटके में गंवा देते हैं.

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