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मॉब लिचिंग के शिकार पीड़ित परिवाराें को न्याय मिलने में हो रही देरी  : हर्ष मंदर

राज्य में मॉब लिचिंग के शिकार हुए लोगों के परिजनो से कारवां ए मुहब़्बत की टीम ने मुलाकत की और परिजनों की दशा और पीड़ा को समझने का प्रयास किया  

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Ranchi : कारवां ए मुहब्बत के द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए हर्षमंदर ने कहा कि राज्य में नफरत और हिंसा के शिकार हुए लोगों के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए पुलिस सही ढंग से कार्रावाई नहीं की.   कहा कि पीड़ित परिवारों की हालत आज भी चिंताजनक है. पीड़ित परिवारों को अभी तक इंसाफ नहीं मिल सका है. देश भर में मॉब लिचिंग की घटनाएं भाजपा सरकार के सता में आने के बाद बढ़ी है. साथ ही इन घटनाओं का विस्तार कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में भी हुआ है. मॉब लिचिंग जैसे घटनाएं झारखंड सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, असम आदि राज्यों में भी हो रही हैं, लेकिन झारखंड की स्थिति सबसे दयनीय है. राज्य में पीड़ित परिवारों को कानूनी सहायता मिलनी चाहिए. जो सरकार उपलब्ध् नहीं करा रही है.  हर्षमंदर ने पीड़ितों के न्याय के लिए न्यायिक प्रक्रिया सुस्त होने पर भी चिंता प्रकट की. कहा कि राज्य में नफरत और हिंसा के शिकार परिवारों के सामाजिक और आर्थिक स्तर बेहतर करने का दायित्व राज्य सरकार का होता है, जिसे पूरा नही किया जा रहा है.

कहा कि हिंसा के शिकार परिवार आज भीख मांगकर अपना गुजर बसर करने को मजबूर है. मॉब लिचिंग के शिकार हुए रमेश मिंज, मजलूम अंसारी एवं अलीमुद़दीन अंसारी के परिजनों की आज तक पेंशन शुरू नहीं की गयी. परिजन न्याय की आस में कर्ज लेकर मुकदमा लड़ रहे हैं.

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झारखंड में बड़ी संख्या में भीड़ द्वारा हिंसा की गयी

कारवां ए मुहब्बत से जुड़े अकरम ने कहा कि झारखंड में बड़ी संख्या में भीड द्वारा हिंसा की गयी है. राज्य सरकार ऐसी हिंसा रोकने में गंभीर नहीं है. हिंसा रोकने के लिए जिले में  नोडल ऑफिसर नियुक्त होने चाहिए. फेक न्यूज़   रोकने के लिए कोई मैकेनिज्म नहीं अपनाया गया है;  राज्य में जितनी भी मॉब लिचिंग की घटनाएं हुई हैं,  वह फेक न्यूज के माध्यम से हुई है. जो अभी भी जारी है. पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाना चाहिए. कहा कि मॉब लिंचिंग के अभियुक्त 3 माह में ही बेल पर रिहा हो जा रहे हैं.  इस कारण हिंसा के शिकार परिजन भी डरे-सहमे रह रहे हैं.

राज्य में जिस तरह मॉब लिचिंग के अभियुक्तेां का मंत्री जयंत सिन्हा के द्वारा स्वागत किया गया,  वह हिंसा की  मनोदशा को बढ़ाने वाला कदम है. साथ ही ऐसे अभियुक्तों को बेल मिलने के बाद एनटीपीसी में जॉब देने का काम हो रहा है.

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मॉब लिंचिंग के शिकार हुए  लोगाेंं  के परिजनों से मुलाकात की

कारवां ए मुहब्बत राज्य में मॉब लिंचिंग के शिकार हुए लोगेां के परिजनों से मुलाकात कर उनकी पीड़ा साझा कर रही है. टीम यह  कार्य स्थानीय संगठनों के साथ मिल कर कर रही है. इस क्रम में टीम ने पीड़ित परिवारों को न्याय एवं सरकार से मिलने वाले मुआवजे की स़्थिति का भी जायजा लिया. टीम ने मिनहाज अंसारी, उसमान अंसारी, मिनहाज अंसारी, रमेश मिंज, मजलूम अंसारी के परिजनों से मुलाकात की. प्रेस वार्ता में परिवारों की दशा पर बात रखी गयी. प्रेस क्रांफ्रेंस को भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी हर्षमंदर , एम आई इब्राहिम, जॉन दयाल, अफजल अनीस, उत्तर प्रदेश के मानवाधिकार कार्यकर्ता अकरम अखतर चौधरी ने भी संबोधित किया.

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