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बिना ऑर्डिनेंस और स्टीट्यूट के निजी विश्वविद्यालय बांट रही हैं डिग्रियां

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Ranchi: झारखंड में निजी विश्वविद्यालयों का आगमन 2013 से शुरु हुआ. निजी विश्वविद्यालय एक्ट के तहत झारखंड में 4 विश्वविद्यालय स्थापित किए गए. विधानसभा में निजी विश्वविद्यालयों का एक्ट पारित हुआ, इसके बाद से निजी विश्वविद्यालय अपना कैंपस राज्य में स्थापित किए.

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इन निजी विश्वविद्यालयों ने अपने कैंपस में कई कोर्स चलाते हुए बच्चों को डिग्रियां-अवार्ड विश्वविद्यालय कैंपस में दीक्षांत समारोह के माध्यम से बांटी गई. लेकिन अभी तक राज्य के किसी निजी विश्वविद्यालय द्वारा विधानसभा में डिग्री प्रदान करने हेतु ऑर्डिनेंस एक्ट पारित नहीं किया गया. बिना सरकार की सूचना के इन निजी विश्वविद्यालयों द्वारा डिग्रियां प्रदान की गई.

बगैर ऑर्डिनेंस पास कराये बांटी गई डिग्री

ज्ञात हो कि 2013 में झारखंड राय यूनिवर्सिटी, उषा मार्टिन यूनिवर्सिटी, इक्कफाई यूनिवर्सिटी, साईनाथ यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई थी. इन सभी यूनिवर्सिटी द्वारा सरकार को यह सूचना नहीं दी गई कि अब इनके माध्यम से गजट पास कर डिग्री अवार्ड किया जा रहा है. यही नहीं, इन यूनिवर्सिटी के द्वारा ऑर्डिनेंस एक्ट को विधानसभा में ना ही पास कराया और ना ही इनके गजट को सार्वजनिक किया गया. ज्ञात हो कि झारखंड यूनिवर्सिटी मॉडल गाइडलाइन के तहत यूनिवर्सिटी की स्थापना होने के बाद सभी यूनिवर्सिटी को मॉडर्न गाइडलाइन के तहत अपने इंस्टीट्यूट और ऑर्डिनेंस को विधानसभा से पारित कराना होता है. इसके बाद ही विश्वविद्यालय डिग्री बांटने का काम कर सकती हैं.

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क्या कहती हैं शिक्षा मंत्री

शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने कहा कि निजी विश्वविद्यालय अगर सरकार के नियमों और छात्रों को डिग्रियां बांटने में सरकार के समक्ष पारदर्शिता नहीं रखेंगे, तो उनपर कार्रवाई की जाएगी. जल्द ही सभी निजी विश्वविद्यालयों के साथ सरकार बैठक करने जा रही है और इस दिशा में निजी विश्वविद्यालयों को दिशा-निर्देश भी देने जा रही है. जहां तक ऑर्डिनेंस गाइड लाइन की बात है तो इस संबंध में निजी विश्वविद्यालयों से जल्द ही बात कर उनसे उनका पक्ष लेने के बाद ही सरकार उन पर करवाई कर सकती है.

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