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दीपक प्रकाश की खुली चुनौती, हिम्मत है तो गिरफ्तार करे हेमंत सरकार

Ranchi: प्रदेश भाजपा ने अगले कुछ महीनों में राज्य में हेमंत सरकार के गिरने का दावा किया है. साथ ही बेरमो और दुमका उपचुनाव में भारी अंतर से एनडीए कैंडिडेट्स के जीतने की भी उम्मीद जतायी है. पार्टी कार्यालय में रविवार को प्रेस वार्ता में सांसद औऱ प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने फिर दोहराया कि अगर हेमंत सरकार में हिम्मत है तो उन्हें गिरफ्तार करके दिखाये.

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सरकार से सवाल पूछना और उसकी विफलता बताना देशद्रोह नहीं

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विपक्षी दल होने के नाते सरकार से सवाल पूछना और उसकी विफलता बताना देशद्रोह नहीं है. इस सरकार में केवल सीएम औऱ इक्के दुक्के लोगों की ही चलती है. ऐसे में आने वाले दिनों में अंतर्विरोध औऱ अंतर्कलह के कारण इस सरकार का गिरना तय है. पिछले 10 महीने में यह सरकार हर मोर्चे पर फेल रही है. उसके खिलाफ जनता में आक्रोश है.3 नवंबर को बेरमो और दुमका के लिये होने वाले उपचुनाव में जनता एनडीए के पक्ष में बटन दबाकर भारी अंतर से उसे जितायेगी. इस दौरान पार्टी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव भी उपस्थित थे.

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तीखे सवालों पर छटपटाहट

दीपक प्रकाश के अनुसार जनता और विपक्ष के सवालों से सरकार बौखला गयी है. गिरती कानून व्यवस्था, रोजगार, किसान, महिला सुरक्षा औऱ दूसरे विषयों पर उसने एक भी काम उपलब्धि लायक नहीं किया है. सरकार बनने के साथ पत्थलगड़ी घटना में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज केस हटाये गये. इस सरकार में महिलाओं के खिलाफ 1200 से अधिक दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. थाने में दुष्कर्म के केस दर्ज करने में पुलिस मदद नहीं करती. कोर्ट को आगे आना पड़ता है. रांची में पुलिस गेस्ट हाउस में दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया.

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आदिवासी मूलवासी के हितों की बात सरकार के लिये ढकोसला

सिदो कान्हू के वंशज की हत्या मामले में भी सरकार आंखें मूंदकर बैठी रही. भाजपा के दबाव में सीबीआइ जांच का आदेश जारी किया गया. आदिवासी मूलवासी के हितों की बात सरकार के लिये ढकोसला है. इस साल की शुरूआत में 7 आदिवासियों का सामुहिक नरसंहार हुआ. सरकार की लापरवाही के कारण 12,000 शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ गयी.

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उड़नखटोले के भरोसे ही हेमंत कर रहे प्रचार

हेमंत सोरेन रोड शो के लिये सड़कों पर उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं. दुमका औऱ बेरमो में उड़नखटोलों से ही चुनावी प्रचार कर रहे हैं. उन्हें डर है कि सड़क पर उतरने से जनता के तीखे सवालों का सामना करना पड़ेगा. संताली समाज के शुभचिंतक होने का दावा करने वाली पार्टी संताली नेता बाबूलाल मरांडी को सम्मान नहीं दे रही. झारखंड अलग राज्य का विरोध करने वाली राजद औऱ कांग्रेस के साथ गलबहियां कर सरकार झारखंडियों को धोखा  दे रही है.

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