न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

दीपा हत्याकांड की जांच के लिए बिरनी पहुंचे डीआईजी

36
  • मुख्यमंत्री जनसंवाद में उठा था मामला

Giridih: गिरिडीह जिला, बिरनी के चर्चित दीपा हत्याकांड का मामला मुख्यमंत्री जनसंवाद में आते ही मुख्यमंत्री के आदेश पर उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के डीआईजी पंकज कम्बोजबिरनी के बलिया गांव पहुंचे. उनके साथ एसपी सुरेंद्र कुमार झा, बगोदर-सरीया एसडीपीओ बिनोद महतो, बिरनी थाना प्रभारी एकेमिश्रा, बिरनी पूर्व थाना प्रभारी प्रशांत कुमार, सरिया थाना प्रभारी विकास पासवान, बिरनी थाना एएसआई मकसूदन रावत भी थे. टीम ने मृतक के परिजनों से घटना के बारे में जानकारी ली. डीआईजी पंकज कम्बोज व एसपी सुरेंद्र कुमार झा मृतक के पिता राजेन्द्र राम व चाचा मनोहर राम के साथ घटना स्थल तालाब के पास भी जायजा लेने के लिए पहुंचे.

अनुसंधान मेंमिली गड़बड़ी

गिरिडीह एसपी से डीआईजी द्वारा पूछताछ में पता चला कि दुष्कर्म व हत्या के बाद मृतका के कपड़े, चप्पल, बालों का क्लिप व खून के धब्बे का सेम्पल बिरनी पुलिस द्वारा जब्त किया गया था. लेकिन  इन चीजों को केस डायरी में अंकित नहीं किया गया.

अनुसंधानकर्मियों पर गिर सकती है गाज

डीआईजी द्वारा जिस तरीके से जांच की गयी है, उससे साफ प्रतीत होता है कि अनुसंधान में गड़बड़ी की गयी है. नतीजे में अनुसंधान कर्मियों पर गाज गिर सकती है. डीआईजी ने स्वयं घटना स्थल का जायजा लेने के बाद परिजनों से दो घंटे तक पूछताछ की और मामले से संबंधित जानकारियां हासिल कीं.

क्या कहते हैंमृतका के परिजन

मृतका छात्रा के पिता राजेन्द्र राम व चाचा मनोहर राम ने कहा कि स्थानीय पुलिस से न्याय मिल पाना असंभव है. अब डीआजी या एसपी ही न्याय दिला सकते हैं. उन्हीं पर पूरे परिवार को भरोसा है.

क्या है मामला

पांच नवंबर 2014को बलिया निवासी झाविमो नेता राजेन्द्र राम की पुत्री बीए की छात्रा दीपा कुमारीदुष्कर्म करने के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. घटना को अंजाम देने के बादअपराधियों ने उसके शव को तालाब के किनारे फेंक दिया था. परिजनों को सात बजे सुबह उसकाशव तालाब के पास मिलने की सूचना मिली थी. जिसके बाद वे लोग शव को उठाकर घर ले आयेथे. घटना के बाद मृतका के पिता राजेन्द्र राम द्वारा हत्यारों की पहचान व दोषियोंपर कार्रवाई के लिए लगातार प्रयास किया गया. लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भीपरिजनों को न्याय नहीं मिला. इसके बाद राजेन्द्र राम ने मुख्यमंत्री रघुवर दास केजनसंवाद में फरियाद लगायी थी. जनसंवाद में फरियाद लगाने के बाद 27 नवंबर कोमुख्यमंत्री ने बिरनी थाना प्रभारी प्रशांत कुमार को लाइन हाजिर करते हुए डीआईजीको स्वयं जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था.

इसे भी पढेंः ऑर्किड हॉस्पिटल में फिर हंगामा, बिल नहीं चुकाने को लेकर हुआ विवाद

इसे भी पढ़ेंः पलामू : फाइनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर से दिनदहाड़े 9.22 लाख की लूट

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: