न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

हत्या के मामले में अपनी जगह दूसरे को खड़ा कर खुद को नाबालिग बताने वाले आरोपी पर फैसला 23 को

343
  • जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय एके पांडेय की अदालत में होगी क्रिमिनल अपील 07/17 की सुनवाई
  • निचली अदालत ने दोषमुक्त किया
  • लोक अभियोजक ने दायर करायी थी अपील

Ranchi: लातेहार जिला में कुछ भी संभव है. एक ओर पुलिस स्थायी गिरफ्तारी वारंट पर पकड़ने गयी हत्या के आरोपी को बगैर अदालत में पेश किये रिहा कर दिया, तो दूसरी ओर लोक अभियोजक ने उक्त रिहाई को गलत करार देते हुए ऊपरी अदालत में अपील दायर करायी. अपील की पहली ही सुनवाई में तत्कालीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार वैश्य की अदालत ने लोक अभियोजक को रिहा हुए व्यक्ति को उम्र प्रमाण पत्र दाखिल करने का आदेश दिया था. तत्कालीन लोक अभियोजक सुदर्शन मांझी ने जब रिहा हुए व्यक्ति की उम्र का प्रमाण पत्र कोर्ट में दाखिल किया था तो मामले से परदा ही उठ गया था, एक बड़ी साजिश की खुलासा हुआ था.

इसे भी पढ़ें – न्यूज विंग की खबर पर BJP की प्रेस वार्ता, कहा- आदिवासियों को आगे कर मिशनरी संस्थाएं हड़प रही हैं जमीन

क्या है मामला

18.03.1995 को लातेहार जिला के चंदवा थाना अंतर्गत स्थित चीरो मैनटोली ग्राम निवासी तेतरा गंझू को जमीन की लालच में उसके भाई एवं भतीजे ने आधी रात में घर से निकाल कर तेज धारदार हथियार से काट कर हत्या कर दी थी. पुलिस ने मृतक की पत्नी पुनिया देवी के फर्दबयान पर चंदवा थाना में कांड संख्या 19/95 (धारा 302,448 भादवि) दायर कराया था. प्राथमिकी में पीड़िता ने अपने भैसुर रिसा गंझू एवं उसके बेटा रामचंद्र गंझू पर संदेह व्यक्त किया था. तफ्तीश में तत्कालीन चंदवा थाना प्रभारी रामा तिवारी ने उपरोक्त अभियुक्तों को तेतरा गंझू की हत्या का प्रथम दृष्या आरोपी पाते हुए गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया. अदालत ने जब 19.03.1995 को आरोपी पिता-पुत्र को जेल भेज दिया. मामला का विचारण प्रारंभ हुआ. इसी दौरान रिसा गंझू की मौत हो गयी. घटना के 16 वर्षों बाद अभियुक्त रामचंद्र गंझू के विरुद्ध अदालत ने गत 8 नवबर 2011 को स्थायी गिरफ्तार वारंट जारी किया. जब अदालत ने स्थायी वारंट जारी किया तब आरोपी ने घटना के 20 वर्षों बाद अपने को नाबालिग होने का दावा पेश किया. अदालत ने मेडिकल बोर्ड का गठन किया और रामचंद्र गंझू को 18.02.2015 को किशोर घोषित किया, जिसके आधार पर 29.04.16 को उसे हत्या के आरोप से मुक्त कर दिया. अदालत में अभियोजन पक्ष ने 27.08.15 को रामचंद्र गंझू के नाबालिग होने पर संदेह भी व्यक्त किया था. इस मामले अब 23 जुलाई को अदालत फैसला सुनायेगी.

इसे भी पढ़ें – ISRO ने लॉन्च किया चंद्रयान-2, चंद्रमा के साउथ पोल पर उतरेगा

महत्वपूर्ण सवाल

SMILE

यदि 18.03.1995 को राचंदू गंझू की उम्र तीन वर्ष थी, तो उस पर मुकदमा कैसे चलाया गया. पुलिस पदाधिकारी ने कैसे उसे चार्जशीटेड किया और 19.03.1995 को तीन वर्ष के अबोध को गिरफ्तार कर जेल कैसे भेजा और कई महीनों तक उसे जेल में कैसे रखा गया जबकि, भारतीय दंड विधान की धारा 82 स्पष्ट रूप से कहती है कि सात वर्ष से कम आयु के बालक के द्वारा किया गया कोई भी कृत्य अपराध की श्रेणी में नहीं आता है। जेल के अभिलेख के मुताबिक मुताबिक रामचंद्र गंझू की विचाराधीन बंदियों के पंजी के क्रमांक 172 दिनांक 19.03.1995 में जेल में प्रवेश के वक्त उम्र 18 वर्ष अंकित है. वह 19.03.1995 से 06.07.1995 तक लातेहार जेल में बंद रहा है.

अभियोजन पक्ष क्या कहता है

अभियोजन पदाधिकारी एके दास का कहना है कि रामचंद्र गंझू ने अपनी जगह पर किसी दूसरा व्यक्ति को खड़ा कर अदालत को गुमराह किया है. ऐसा दस्तावेज से प्रमाणित है तथा किशोर घोषित होने में फ्रॉड किया गया है जिससे रामचंद्र गंझू की पक्ष की भूमिका पूरी तरह संदेहास्पद है तथा हत्या जैसे संगीन मामलों में आरोपी की जगह दूसरे को खड़ा करके अदालत को गुमराह किया गया है.

क्या कार्रवाई हुई

जेल के अभिलेख एव तत्कालीन मजिस्ट्रेट के द्वारा जारी कस्टडी वारंट में रामचंद्र गंझू की उम्र 19.03.1995 को 18 वर्ष हाने की पुष्टि होते ही (अपील केार्ट) प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार वैश्य की अदालत ने पूरे मामले की जांच का आदेश देते हुए लोक अभियोजक को आरोपी के विरुद्ध धोखाधड़ी, अदालत को गुमराह आदि करने का आपराधिक मामला दायर कराने का आदेश गत 18 मार्च 2017 को पारित किया है. हत्या जैसे मामले के आरोपी ने अपनी जगह दूसरे को खड़ा कर किशोर कानून का लाभ लेकर आरोपमुक्त होकर कानून की आंख में धूल झोंका है तथा कानून व्यवस्था का माखौल उड़ाया है. पुलिस को गलत साबित करने का प्रयास किया है और इसमें बड़े आपराधिक गिरोह की पहुंच एवं पैसे का खेल उजागर हुआ है.

इसे भी पढ़ें – गढ़वा : महिला कैदी पुलिस कस्टडी से फरार, बच्चा चोरी के आरोप में हुई थी गिरफ्तार

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: