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# INTUC की बैठक में निर्णय, मजदूरों की मांगें नहीं माने जाने पर 24 सितंबर को हड़ताल

अजीत कुमार ने बताया कि 17 सितंबर को श्रम मंत्रालय ने इंटक एवं कोल इंडिया को त्रिपक्षीय वार्ता के लिए बुलाया है

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Giridih : गिरिडीह में राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ, इंटक की बैठक मोहम्मद अख्तर अध्यक्षता में की गयी.  बैठक में अजीत कुमार ने बताया कि 17 सितंबर को श्रम मंत्रालय ने इंटक एवं कोल इंडिया को त्रिपक्षीय वार्ता के लिए बुलाया है. जहां मजदूर हित के साथ कई बिंदु पर बात होनी है.अगर वार्ता विफल रही तो इंटक 24  सितंबर को केंद्र सरकार के खिलाफ   गिरिडीह सीसीएल एरिया को बंद रखेगा.

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केंद्र सरकार की नीतियां मजदूर विरोधी

इंटक के गिरिडीह एरिया ध्यक्ष ऋषिकेश मिश्रा कहा कि श्रम मंत्रालय एवं कोयला मंत्रालय से त्रिपक्षीय वार्ता होगी. अगर वार्ता सफल नहीं हुई तो 24 सितंबर को राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ पूरे गिरिडीह सीसीएल क्षेत्र में एक बाल्टी कोयला भी नहीं उठने देगा.

मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां मजदूर विरोधी है. लोगों को पाकिस्तान के नाम पर , गाय बकरी के नाम पर सिर्फ बरगलाया जा रहा है. मुख्य मुद्दों से आम जनता का ध्यान भटकाया जा कहा है. आने वाले दिनों में केंद्र सरकार की नीतियों के विरुद्ध में  इंटक गांव गांव जाकर  ग्रामीणों के सामने केंद्र सरकार की पोल खोल करेगा.

बैठक में अजीत कुमार, कमालुद्दी , अख्तर , महादेव कुम्हार , उपेंद्र विश्वकर्मा , शमीम , राजेश , राजेंद्र , नाशिर मियां , मनोज रजक , आराधन मंडल , आशिक , जमाल , हैदर , गोविंद कहार , शफीक , दर्शन , हसीब आलम , ईश्वर , कार्तिक बढ़ई , इंद्र  चमार , जग्गू , राय , महादेव दास  मैजूद थे.

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  इन मुद्दों पर इंटक की 24  सितंबर को हड़ताल

कोयला खनन में एक सौ प्रतिशत एफडीआई के विरोझ में , कोयला उत्खनन,  ओवरबर्डन या किसी भी स्थाई या बारहमासी प्रकृति  में कार्यरत नियमित नौकरियों को हटाने के लिए ठेकेदार,  आउटसोर्सिंग कंपनी क्या किसी भी निजी कंपनी को कोल इंडिया लिमिटेड में तैनात करने के विरोध में, आउटसोर्सिंग कंपनी या किसी भी निजी कंपनी में कार्यरत श्रमिकों को कोल इंडिया में स्थाई तौर पर नियमित करने,

कोयला खनन स्थापित करने के समय अगर किसी भी व्यक्ति की अपनी भूमि या जमीन ली गयी है तो उन लोगों को यथाशीघ्र स्थाई रोजगार उपलब्ध कराने,  वीआरएस के तहत मिलने वाले रोजगार के लिए जितनी भी फाइलें परियोजना से लेकर कोल इंडिया तक वर्षों से लंबित है उन सभी को यथाशीघ्र मंजूरी प्रदान करने. समान काम के लिए समान वेतन के प्रारूप को ठेकेदारी आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा लगाए गए सभी श्रेणियों के श्रमिक पर लागू न करने के विरोध में  हड़ताल की जा रही है.

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