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गुमला जेल में हत्या के विचाराधीन कैदी की मारपीट की घटना के बाद मौत

रात को मृत अवस्था में कैदी को जेल से अस्पताल लाया गया

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Ranchi/Gumla:  मंडल कारा गुमला में बंद हत्या के विचाराधीन कैदी तुलसी उरांव (26 वर्ष) की संदेहास्पद स्थिति में शुक्रवार की रात 12 बजे मौत हो गयी. जेल प्रशासन द्वारा उसे 12.25 बजे सदर अस्पताल गुमला भेजा गया था.

जहां चिकित्सक डॉक्टर आनंद किशोर उरांव ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक कैदी घाघरा प्रखंड के सरजामा गांव का रहने वाला था. वह हत्या का आरोपी था. और 25 दिसंबर 2018 से जेल में बंद था.

विवाद को लेकर हुई थी मारपीट

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मिली जानकारी के अनुसार गुमला मंडलकारा में किसी बात को लेकर कैदियों में विवाद हुआ था. विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट शुरू होने लगी. इस मारपीट में कई कैदी घायल हो गये. घायलों में एक कैदी तुलसी उरांव भी था. गंभीर रूप से घायल तुलसी को इलाज के लिए सदर अस्‍पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गयी. इधर कैदियों के बीच विवाद को देखते हुए जेल प्रशासन ने थाना से अतिरिक्‍त बल को बुलाया है.

मृतक को सांस लेने में हो रही थी दिक्कत

मृतक कैदी को जेल से लेकर गुमला अस्पताल पहुंचे भूतपूर्व सैनिक अनुबंधकर्मी मानवेल कुजूर व प्रभु सहाय समद ने बताया कि जेल प्रशासन द्वारा कैदी को लेकर अस्पताल भेजा गया था. हमलोग लेकर अस्पताल पहुंचे, तो चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया. उन्होंने बताया कि मृतक तुलसी को सांस लेने में दिक्कत व छाती में जकड़न की शिकायत थी.

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25 दिसंबर 2018 से जेल में था

इस संबंध में जेल अधीक्षक बेसरा निशांत रोबर्ट ने कहा कि मृतक हत्या का आरोपी था. 25 दिसंबर 2018 से जेल में था. शुक्रवार की रात उसे सांस लेने में दिक्कत की शिकायत पर सदर अस्पताल भेजा गया था.

अस्पताल ले जाने के क्रम में रास्ते में कैदी की मौत हो गयी थी. जेल अधीक्षक ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा कि कैदी की कब मौत हुई थी. चिकित्सक डॉक्टर आनंद किशोर उरांव ने बताया कि रात साढे 12 बजे मृतक कैदी तुलसी उरांव को लेकर जेलकर्मी पहुंचे थे.

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नहीं मिले हैं मारपीट के निशान

जांच करने पर पता चला कि लगभग 25 मिनट पूर्व ही इसकी मौत हो गयी है. पोस्टमार्टम होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि कैदी को क्या हुआ था. शरीर में मारपीट के निशान नहीं मिले हैं.

लेकिन अंदरूनी चोट की बात कही जा रही है. शव के पोस्टमार्टम के लिए तीन सदस्यीय चिकित्सा टीम का गठन किया गया है. मजिस्ट्रेट की  निगरानी में शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है.

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