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प्रिय मोदी जी, क्या रघुवर दास दोबारा मुख्यमंत्री बनने के लिए कुछ भी करेंगे ?

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Anand Kumar

RTI Activist

Ranchi : राज्य के एक आरटीआई कार्यकर्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पूछा है कि क्या झारखंड के मुख्यमंत्री दोबारा मुख्यमंत्री बनने के लिए कुछ भी करेंगे? उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि आप इस देश की जनता को स्पष्ट संदेश देते हैं कि अब इस देश में भ्रष्टाचार करने और भ्रष्टाचारियों को पनाह देने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है. भ्रष्ट लोगों को चिन्हित कर उनके प्रति सख्त रवैया अपनाया जा रहा है.

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पर झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास जी युवाओं की मेहनत के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर, जनता का कमाया हुआ पैसा बरबाद कर अपनी झूठी वाहवाही लुटवा रहे हैं. उन्होंने पत्र में लिख कर आरोप लगाया है कि दोबारा मुख्यमंत्री बनने के लिए सीएम रघुवर दास अधिकारियों के साथ मिलकर झूठा दावा पेश कर रहे हैं.

सरकार 12 जनवरी 2018 को 26,674 युवाओं को रोजगार देने का दावा करती है जो सरासर झूठा दावा है. वास्तव में सिर्फ 4000 से 5000 लोगों को ही जॉब मिला है. उन्होंने इसकी जांच वैसे तंत्र से कराने की मांग की है जिसे यहां के आईएएस और मंत्री प्रभावित नहीं कर सकें.

मोदी जी को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री जी जिन कंपनियों द्वारा रोजगार दिये जाने का दावा करते हैं,  उनमें दूसरे राज्यों की कुछ ऐसी कंपनियां हैं,  जिनका अस्तित्व ही नहीं है. बहुत सारी ऐसी कंपनियां हैं, जिनके पास रोजगार देने की क्षमता ही नहीं है, पर वे सैंकड़ों नियुक्तियां बांट गये हैं.

उन्होंने आरोप लगाया है कि बहुत सारी कंपनियों के अफसरों ने तो सिर्फ पांच सितारा होटलों में रहने, झारखंड घूमने और मौज मस्ती करने के नाम पर यहां आकर कागज में हजारों नौकरियां बांट दी. उन्होंने प्रधानमंत्री को अपने पत्र के माध्यम से बताया है कि सरकार का पैसा तो खर्च हुआ पर इसका लाभ युवाओं को नहीं मिला, युवाओं को सिर्फ धोखा मिला है.

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प्रधानमंत्री को पत्र के माध्यम से बताया गया है कि 26,674 कैंडिटेट का पूरा डिटेल पता फोन नंबर के साथ उपलब्ध है,  जिन्हें रोजगार देने का दावा झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास जी कर रहे हैं. डाटा कौशल विकास से मांग कर सच्चाई का पता खुद लगाया जा सकता है. सिर्फ दो प्रतिशत युवाओं से रैंडम फोन कर अभ्यथियेां के मुंह से सच्चाई सुनी जा सकती है.

कौशल विकास विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर झारखंड की कौशल विकास मंत्री नीरा यादव ने सितंबर 2018 में ही धर्मेंद्र प्रधान को शिकायत पत्र लिखा था. इस पत्र पर भी आजतक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में आरटीआई कार्यकर्ता ने कहा है कि जांच होती भी कैसे. आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सचिवालय में भ्रष्टाचार के सारे उच्चस्तरीय मामलों को दबा दिया जाता है.

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