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पत्नी के अनुरोध पर डीसी ने कर दिया ट्रांसफर, आयुक्त ने पूछा राजस्व उप निरीक्षक का एक ही जगह दो बार तबादला क्यों ?

Ranchi: नामकुम अंचल के राजस्व उप निरीक्षक अशोक कुमार सिंह के तबादले में नियमों की अनदेखी की गयी है. अशोक कुमार का तबादला उनकी पत्नी के अभ्यावेदन पर एक ही अंचल में दो बार कर दिया गया. इसकी जानकारी दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडलीय आयुक्त नितिन मदन कुलकर्णी को भी मिल चुकी है. उन्होंने डीसी छविरंजन से पूछा है कि पत्नी के अभ्यावेदन पर एक कर्मचारी का तबादला कर दिया गया इसका क्या औचित्य था ? उन्होंने पूछा है कि अशोक सिंह को पूरे सेवाकाल में 17.11.2005 से 11.12.2009,19.06.2015 से 05.09.2018 एवं 24.11.2018 से 13.07.2021 तक अपने गृह अंचल में पदस्थापित रहने के बाद से मंत्रिमंडल सचिवालय एवं समन्वय विभाग के परिपत्र संख्या 1043 के तहत इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर उनकी पत्नी के अभ्यावेदन के आधार पर पुनः नामकुम अंचल में पदस्थापित क्यों कर दिया गया?

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…तो मेडिकल बोर्ड का गठन कर मेडिकल जांच करायें

आयुक्त कुलकर्णी ने स्पष्ट कहा है कि जिस तरह अशोक कुमार सिंह का तबादला किया गया है उससे यह दर्शाता है कि वे रातू एवं ओरमांझी जाने एवं कर्तव्य निर्वहन में भी सक्षम नहीं हैं, जो रांची से 12-20 किलोमीटर की दूरी पर है. ऐसी स्थिति में इन्हें सेवा संहिता के नियम 74(क) के तहत अनिवार्य सेवानिवृति देने के लिये सिविल सर्जन रांची की अध्यक्षता में मेडिकल बोर्ड का गठन कर मेडिकल जांच करायी जाये.

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आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने संबंधी परिवाद पत्र मिला था

जानकारी के अनुसार राजस्व कर्मचारी अशोक कुमार सिंह के खिलाफ एक परिवाद पत्र आयुक्त को मिला था. जिसमें उनके नामकुम अंचल में वर्षों से जमे रहने एवं भूमि संबंधी कई अनियमित कार्यों को कर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का उल्लेख था.

सेवाकाल में अधिकांश समय नामकुम अंचल में ही रहे

परिवाद पत्र के आलोक में जांच करायी गयी जो सही पाया गया. अशोक अपने सेवाकाल में अधिकांश समय नामकुम अंचल में ही रहे हैं.

सेवा संहिता में क्या है प्रावधान

अशोक कुमार सिंह का तबादला सेवा संहिता का उल्लंघन हुआ है. मंत्रिमंडल सचिवालय बिहार(पटना) द्वारा जारी निर्देश के आलोक में किसी भी सरकारी सेवक का स्थानांतरण उनकी पत्नी अथवा रिश्तेदार के आवेदन पर नहीं किया जा सकता है. ऐसा करने पर संबंधित कर्मी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का प्रावधान है.

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