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डीसी साहब ! उज्जवला योजना का हो गया बंटाधार, गैस किसी और को मेरे हिस्से सिर्फ सब्सिडी

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Bokaro/Gomia: कमोवेश उज्जवला योजना को लेकर यह कहानी हर जिले की है. गैस किसी और को मिल रही है और सब्सिडी किसी और के खाते में जा रही है. मामले को लेकर ठगे गए लोग कहां जाएं यह जानकारी भी उन्हें नहीं है. सरकार और प्रशासन की तरफ से उज्जवला योजना को लेकर व्यवस्था ऐसी बहाल की गयी है कि कोई अधिकारी सीधी तौर इसके लिए जिम्मेदार ही नहीं है. कुल मिला कर कहा जाए तो रूलिंग पार्टी के कुछ दबंगों के हाथ में उज्जवला योजना की पूरी बागडोर है.

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वो जिसे चाहते हैं गैस मिलती है, जिसे चाहते हैं सब्सिडी मिलती है. ताजा मामला बोकारो के गोमिया प्रखंड का है. यूं तो यहां सैकड़ों ऐसे लाभुक हैं जिन्हें गैस तो नहीं मिली है, लेकिन सब्सिडी इनके खाते में आ जाती है. लेकिन चार ऐसे लोग हैं जिन्होंने लिखित रूप से गैस नहीं सिर्फ सब्सिडी मिलने की शिकायत गोमिया के उपप्रमुख मीना देवी की है. मीना देवी ने इन सभी के बारे चिट्ठी से बोकारो डीसी को अवगत करा दिया है. देखने वाली बात होगी कि डीसी साहब मामले में क्या कार्रवाई करते हैं.

जानिए संगीता का दर्द

संगीता कुमारी गोमिया के ससबेड़ा आदर्श नगर की रहने वाली हैं. उनका कहना है कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लिए उन्होंने फरवरी महीने में फॉर्म भरकर सारे कागजात बीजेपी की प्रखंड महिला मोर्चा के अध्यक्ष नमिता वर्मा के पास जमा करा दिये. सितंबर महीना अब खत्म होने को है. करीब आठ महीने के बाद भी नमिता वर्मा से पूछे जाने पर हुए कहती हैं कि आज से 15 दिनों के अंदर उन्हें गैस मिल जाएगा.

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साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गैस सिलेंडर लेने के लिए 12 सौ रुपए जमा करने पड़ेंगे. यह गैस सिलेंडर का चार्ज है. यहां गौर करने वाली बात यह है कि संगीता देवी कह रही हैं कि आठ अगस्त 2018 को उनके खाते में बतौर सब्सिडी 338 रुपए आ गए. इस बात की जानकारी भी उन्होंने नमिता देवी को दी. फिर भी उन्हें आश्वासन मिलता है कि उन्हें सिलेंडर मिल जाएगा.

क्या है शोभा का दर्द

मैं शोभा कुमारी, गोमिया ससबेड़ा आदर्श नगर पूर्वी की रहने वाली हूं. मैं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत फरवरी महीने में सारे कागजात और फॉर्म भर कर नमिता देवी को दे दिया था. आठ महीना बीतने को है, मुझे अभी तक गैस सिलेंडर नहीं मिला है. बार-बार पूछने पर वह कहती हैं कि 15 दिनों में गैस सिलेंडर आपको मिल जाएगा. आप बस 1200 रुपए जमा करवा दें. शोभा का कहना है कि गौर करने वाली बात यह है कि 12 जुलाई 2018 को मेरे खाते में 264 रुपए सब्सिडी के तौर पर आये थे.

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मुझे समझ नहीं आता कि गैस सिलेंडर जो मेरे पास है नहीं तो मैंने गैस रिफिल कैसे कराई. इस बात की शिकायत भी मैंने नमिता देवी से शिकायत की. सुनने के बाद भी उन्होंने आश्वासन दिया कि मुझे गैस सिलेंडर मिलेगा.

जानिए मीना का दर्द

मैं मीना देवी गोमिया की रहने वाली हूं. मेरे पति का नाम अशोक रविदास है. एक साल पहले ग्राम सभा के दौरान ससबेड़ा सचिवालय भवन में मैंने फॉर्म और सारे कागजात प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लिए जमा करवाए थे. अपने वार्ड सदस्य को मैंने सारे कागजात सौंपे थे. लेकिन आज तक हमें गैस सिलेंडर नहीं मिला. हालांकि हमें टीन नंबर मिल गया है. लेकिन गैस सिलेंडर का अभी तक कोई भी पता नहीं है. पूछे जाने पर बार-बार हमें टहला दिया जा रहा है.

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उपप्रमुख ने उपायुक्त को लिखा खत

मामले की गंभीरता को समझते हुए गोमिया की उपप्रमुख मीना देवी ने बोकारो डीसी मृत्युंजय कुमार बर्णवाल को चिट्ठी लिखी है. चिट्ठी में श्रीमती मीना देवी ने लिखा है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में प्रखंड स्तर पर सरकारी नियंत्रण पदाधिकारी के नहीं होने से चंद लोगों के हाथ में सारी योजना चली गई है. जिससे योजना का बंदरबांट हो रहा है. अपनी चिट्ठी में उन्होंने साफ तौर से लिखा है कि जैसे सरकारी पदाधिकारी या कर्मचारी का हस्तक्षेप दूसरे सरकारी योजनाओं में होता है, उसी तरह से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में भी प्रशासन का हस्तक्षेप जरूरी है.

साथ ही पंचायत के चुने हुए जनप्रतिनिधियों की भी भागीदारी योजना को बचाने के लिए सुनिश्चित की जानी चाहिए. उप प्रमुख ने बोकारो डीसी से अनुरोध किया है कि सभी लाभुकों को न्याय मिले और साथ ही साथ जिनकी वजह से अभी तक गैस मिलने में विलंब हुआ है. और दूसरी अनियमितता योजना को लेकर बरती गई है, उसके लिए प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जाए.

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