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लातेहार डीसी ने कहा- युवा न करें सुसाइड, युवा बोले- हमें रोजगार चाहिए

  • युवाओं में आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने की दिशा में डीसी युवाओं से ऑनलाइन कर रहे थे बात

Latehar : जिले के डीसी अबु इमरान शुक्रवार को युवाओं से ऑनलाइन मुखातिब थे. अपील कर रहे थे कि युवा आत्महत्या न करें, कठिन और विपरीत परिस्थितियों का आत्मविश्वास के साथ सामने करें. इसी बीच इस संवाद में भाग ले रहे कुछ युवाओं ने रोजगार की बात उठा दी. कहने लगे कि अवसाद (डिप्रेशन) से बचने का उपाय बतायें, हमें रोजगार चाहिए, कैसे मिलेगा हमें रोजगार.

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जूम एप के जरिये डीसी युवाओं से आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति पर कर रहे थे बात

बता दें कि जिले में युवक एवं युवतियों में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकने को लेकर उपायुक्त अबु इमरान ने सकारात्मक पहल की है. उपायुक्त ने शुक्रवार को जूम एप के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में युवाओं एवं युवतियों से सीधा संवाद स्थापित किया और आत्महत्या के कारणों एवं इसे रोकने के उपायों पर विशेषज्ञों एवं शिक्षाविदों के साथ मंथन किया. कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने कहा कि जिले में युवाओं द्वारा आत्महत्या किये जाने की घटना काफी दुखद है.

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कठिन और विपरीत परिस्थितियों से घबरायें नहीं, आत्मविश्वास के साथ करें सामना

उपायुक्त ने कहा कि आत्महत्या का मुख्य कारण निराशा और अवसाद है. कठिन एवं विपरीत परिस्थितियों से कभी भी घबराना नहीं चाहिए, बल्कि पूरे आत्मविश्वास के साथ इसका सामना करना चाहिए. उन्होंने कहा युवक एवं युवतियों को हर स्थिति में सकारात्मक मनोवृत्ति बनाये रखने की आवश्यकता है. असफलता प्राप्त होने पर सफलता के लिए बेहतर ढंग से पुनः प्रयास करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि असफलता में कभी हार नहीं माननी चाहिए. अपने जीवन से निराशा और अवसाद को दूर रखने के लिए सकारात्मक सोच बनाये रखना चाहिए. उपायुक्त अबु इमरान ने युवाओं को आधुनिक शिक्षा के लिए प्रेरित किया एवं लक्ष्य के लिए हमेशा प्रयासरत रहने की बात कही.

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शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने किया आत्महत्या पर मंथन

उपायुक्त अबु इमरान की पहल पर आयोजित युवा संवाद के दौरान नीलांबर-पीतांबर के वीसी डॉ रामलखन सिंह, स्किल विश्वविद्यालय के राज नेहरू, संत जेवियर्स स्कूल के सेवानिवृत्त प्राचार्य फादर अजीत खेस, साईं विश्व विद्यालय के वीसी एसपी अग्रवाल, प्रत्यूष पटेल, श्री फैज आईआरएस, शिक्षाविद एहसान, छात्रा अमान ने अपने विचार रखे. विशेषज्ञों एवं शिक्षाविदों द्वारा बताया गया कि आर्थिक एवं मानसिक परेशानी आत्महत्या का प्रमुख कारण है. मन में निराशा का भाव भर जाने से आत्मविश्वास में कमी होने लगती है. व्यक्ति की मनोवृत्तियों में बदलाव आरंभ होता है एवं जीवन के प्रति नकारात्मक भाव पैदा होने लगता है. यह मनोभाव मन पर हावी होता है, तब व्यक्ति आत्महत्या की ओर कदम बढ़ा लेता है.

विशेषज्ञों एवं शिक्षाविदों ने आत्महत्या रोकने को लेकर असफल हुए व्यक्ति के प्रति पूरी तरह से संवेदनशीलता दिखाने एवं उसके आत्मविश्वास को बनाये रखने को लेकर प्रेरित करने की बात कही.

युवाओं ने अवसाद से बचने और रोजगार से जुड़ी बातें रखीं

युवा संवाद के दौरान युवाओं ने विशेषज्ञों और शिक्षाविदों से अवसाद से कैसे बचें और आत्मबल को बनाये रखने समेत रोजगार से संबंधित अपनी बातों को रखा. विशेषज्ञों द्वारा आत्मविश्वास बनाये रखने हेतु जानकारी दी गयी.

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