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खतरनाक संकेत : विश्व के अविकसित बच्चों में एक तिहाई बच्चे भारतीय

 रिपोर्ट पर नजर डालें तो भारत के बाद नाइजीरिया में 13.9 मिलियन, पाकिस्तान में 10.7 मिलियन बच्चे अविकसित हैं.  इन तीन देशों में ही विश्व के सभी अविकसित बच्चों में आधे से अधिक रहते हैं.  

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NewDelhi :  विश्व के अविकसित बच्चों में लगभग एक तिहाई भारतीय बच्चे हैं.  वर्तमान में दुनिया 150.8 मिलियन बच्चे अविकसित हैं और उनमें से सिर्फ भारत में ही 46.6 मिलियन बच्चे हैं. बता दें कि भारत के बच्चों के बारे में ग्लोबल न्यूट्रिशन रिपोर्ट 201 खतरनाक संकेत दे रही है. न्यूट्रिशन रिपोर्ट के अनुसार बाल पोषण और विकास के मामले में भारत काफी पीछे है.  यानी अविकसित, अल्पविकसित और ओवरवेट बच्चों की संख्या भारत में बहुत अधिक है.  कुपोषण के मामले में पहले ही भारत की स्थिति चिंतनीय है. इस रिपोर्ट के संकेत खतरनाक  हैं.  रिपोर्ट पर नजर डालें तो भारत के बाद नाइजीरिया में 13.9 मिलियन, पाकिस्तान में 10.7 मिलियन बच्चे अविकसित हैं.  इन तीन देशों में ही विश्व के सभी अविकसित बच्चों में आधे से अधिक रहते हैं.  जब पहले की तुलना में भारत में अविकसित बच्चों के आंकड़े में काफी सुधार हुआ है, तब ऐसी हालात पर चर्चा लाजिमी है.

बता दें कि नैशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार 2005-06 में अविकसित बच्चों की तुलना में 2015-16 में लगभग 10 फीसदी की गिरावट आयी थी. 2005-06 में यह आंकड़ा 48 फीसदी बच्चों का था, यह 2015-16 में कम होकर 38.4 फीसदी रह गया.

अविकसित बच्चों का अनुपात सभी राज्यों में एक जैसा नहीं

ग्लोबल रिपोर्ट के अनुसार भारत में अविकसित बच्चों का अनुपात सभी राज्यों में एक जैसा नहीं है.  देश  के 604 जिलों में से 239 जिलों में अविकसित बच्चों का प्रतिशत 40 फीसदी से अधिक है.  कुछ जिलों में ऐसे बच्चों की संख्या 12.4 फीसदी तक है, तो कुछ जिलों में यह 65.1 फीसदी भी है.  रिपोर्ट बताती है कि अविकसित बच्चों के साथ भारत में कमजोर बच्चों की संख्या भी बहुत है.  जान लें कि दुनिया भर में सबसे अधिक कमजोर बच्चे, कम वजन और लंबाई के लिहाज से भारतीय ही हैं.  बता दें कि भारत में 25.4 मिलियन बच्चे कमजोर हैं.  इसके बाद नाइजीरिया, 3.4 मिलियन का नंबर आता है.

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