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साइबर अपराधियों के गैंग में शामिल हो रहे हैं आईटीआई और पॉलिटेक्निक के छात्र

मास्टरमाइंड राकेश साव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने किया खुलासा

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Dhanbad:  साइबर अपराधियों के गैंग में अब आईटीआई और पॉलिटेक्निक के छात्र भी शामिल हो रहे हैं. यह खुलासा साइबर अपराधी राकेश साव की गिरफ्तारी के बाद एसएसपी मनोज रतन चौथे ने की है. पुलिस ने पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले से राकेश साव नामक एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए अपराधी के पास से पुलिस ने 88,500 रुपये नकद और 84 अलग-अलग बैंकों के पासबुक जब्‍त किये हैं. इन पासबुकों में करीब 7.5 करोड़ रुपये जमा है. उक्त बातें एसएसपी मनोज रतन चौथे ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहीं.

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साइबर अपराधियों के गैंग की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी गठित

एसएसपी ने बताया कि साइबर अपराधियों के गैंग में लगभग 20 लोग शामिल हैं जो पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जिलों में बैठकर देश भर के महत्वपूर्ण शहरों से लोगों के अकाउंट से ऑन लाइन रुपए उड़ा कर उन्हें कंगाल बनाने में लगे हैं. साइबर अपराधियों के गैंग में कुछ पॉलिटेक्निक और आईटीआई के छात्र भी शामिल हो गए हैं. पुलिस ने इन तमाम अपराधियों को कानून की गिरफ्त में लेने के लिए एक एसआईटी का गठन किया है. जिसके माध्यम से पुलिस राज्य के बाहर अलग-अलग जिलों में जाकर छापेमारी करेगी और तमाम अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने का काम करेगी. साइबर क्राइम से करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने वाला राकेश साव ही हैं मास्टरमाइंड है. वहीं एसएसपी चौथे ने बताया कि जिस तरह से एक बड़े गैंग का निर्माण कर  छात्रों को अपराध की दुनिया में लाने का काम राकेश ने किया है, इससे यह प्रतीत होता है कि यह बेहद  शातिर और तीक्ष्णबुद्धि वाला व्यक्ति है. पूरे गैंग का मास्टरमाइंड भी खुद राकेश साव ही है. मूल रूप से बिहार के लखीसराय जिले का रहने वाला यह शख्स फिलहाल पश्चिम बंगाल के बैरकपुर नॉर्थ 24 परगना जिले में अपना ठिकाना बनाए हुए था.

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