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गिरिडीह में बिक रहे बंगाल के फर्जी सिमकार्ड्स से बढ़ा साइबर अपराध

  • एसपी और डीएसपी ने टेलीकॉम कंपनियों के नोडल पदाधिकारियों के साथ की बैठक
  • एयरटेल के फर्जी नंबरों के दस्तावेज का पुलिस नहीं कर पा रही वेरिफिकेशन

Giridih: साइबर अपराध को रोकने को लेकर शुक्रवार को पुलिस लाइन में टेलीकॉम कंपनियों के प्रतिनिधियों और नोडल पदाधिकारियों की बैठक हुई. एसपी अमित रेणु की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिओ, एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया कंपनी के नोडल पदाधिकारी मौजूद थे.

वहीं बैठक में डीएसपी संदीप सुमन समदर्शी और साइबर इस्पेंक्टर सहदेव प्रसाद समेत कई पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे. करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक के दौरान एसपी अमित रेणु और डीएसपी संदीप सुमन ने इन कंपनियों के प्रतिनिधियों से जानकारी ली कि आखिर गुमराह करने वाले संदेश भेजने वाली कंपनियों के पास से आम नागरिकों के मोबाइल नंबर किस प्रकार पहुंच रहे हैं.

पुलिस अधिकारियों के इन सवालों के जवाब किसी टेलीकॉम कंपनी के नोडल पदाधिकारी के पास तो नहीं था. एसपी ने इन कंपनियों के नोडल पदाधिकारियों को सुझाव दिया कि हर हाल में टेलीकॉम कंपनियां जानकारी लेकर रोक लगाने का प्रयास करें.

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बैठक में कंपनी के नोडल पदाधिकारियों को यह भी जानकारी दी गयी कि जिले के दुकानदारों को पश्चिम बंगाल से फर्जी सिम कार्ड ग्राहकों को बेचने के लिए उपलब्ध कराये जा रहे हैं. बंगाल के फर्जी सिम कार्ड से ही गिरिडीह में साइबर अपराध करने वालों का नेटवर्क मजबूत हुआ है.

इस दौरान साइबर डीएसपी ने साइबर थाना कांड संख्या 04/20 का जिक्र करते हुए कहा कि इस केस में सिम कार्ड स्वैपिंग धोखाधड़ी कर तीन भुक्तभोगियों से पांच लाख की ठगी की गयी. इसमें अनुसंधान के क्रम में सिम कार्ड विक्रेताओं से भी पूछताछ की गयी जिसमें बंगाल के सिम कार्ड लेने के लिए साइबर अपराधियों ने धोखाधड़ी की.

अपराध के बाद इन फर्जी सिम कार्ड के दस्तावेजों खंगाला गया तो कार्ड का इस्तेमाल करने वालों की पहचान नहीं हो पायी.

बैठक में कंपनी के नोडल पदाधिकारियों से यह भी बताया गया कि विक्रेताओं से पूछताछ में यह भी बात सामने आयी कि एयरटेल के सिम कार्ड का इस्तेमाल किया गया, लेकिन एयरटेल के सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी होने के कारण सिम कार्ड का इस्तेमाल कर अपराध करने वाले अपराधियों की पहचान नहीं हो पायी. लिहाजा, एसपी और डीएसपी ने बैठक में मौजूद एयरटेल कंपनी के नोडल पदाधिकारी को नोटिस जारी कर शोकॉज मांगा है.

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