न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

रात आठ बजे फिर सीडब्ल्यूसी की बैठक, राहुल का इस्तीफा स्वीकार नहीं : सुरजेवाला

मजबूत विपक्ष के लिए और कांग्रेस को नेतृत्व देने के लिए राहुल गांधी उपयुक्त व्यक्ति है.

43

NewDelhi :  कांग्रेस के नये अध्यक्ष के चयन को लेकर पार्टी की कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की अगली बैठक अब शनिवार रात आठ बजे होगी.पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, सभी सदस्यों ने राहुल गांधी से अध्यक्ष बने रहने और नेतृत्व करने का एक सहमति से आग्रह किया. उन्होंने यह अनुरोध भी किया कि आज जब मौजूदा सरकार संवैधानिक प्रावधानों, नागरिकों के अधिकारों और संस्थाओं पर आक्रमण कर रही है तो ऐसे समय मजबूत विपक्ष के लिए और कांग्रेस को नेतृत्व देने के लिए राहुल गांधी उपयुक्त व्यक्ति है.

इसे भी पढ़ें इतिहासकार हबीब ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370  हटाने की आलोचना की, कहा,  संघ परिवार कश्मीरी  मुसलमानों पर हमले कर रहा था

सीडब्ल्यूसी पांच अलग-अलग समूहों में परामर्श कर रही है

उन्होंने कहा कि गांधी ने अपना इस्तीफा वापस लेने से इनकार किया और कहा कि सीडब्ल्यूसी के सदस्यों और दूसरे नेताओं से नये अध्यक्ष को लेकर व्यापक विचार विमर्श किया जाये. सुरजेवाला ने कहा कि सीडब्ल्यूसी पांच अलग-अलग समूहों में परामर्श कर रही है.  रात आठ बजे सीडब्ल्यूसी की फिर बैठक होगी जिसमें इन समूहों की बातचीत में निकले निष्कर्ष के आधार पर निर्णय लिया जायेगा. सुरजेवाला ने यह भी कहा कि अभी गांधी का इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है और सीडब्ल्यूसी के विचाराधीन है.

इससे पूर्व  कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष चुनने के लिए पांच कमेटियों का गठन किया गया  . ये कमेटियां  देश भर में जाकर कार्यकर्ताओं से रायशुमारी करेंगी.  सभी की राय जानने के बाद  कांग्रेस  अध्यक्ष का चुनाव किया जायेगा. इस संबंध में कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी ने शनिवार को कहा कि वह और राहुल गांधी पार्टी के नये अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकते.

कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक से बाहर निकलने के बाद सोनिया ने संवाददाताओं से कहा कि अध्यक्ष तय करने के लिए बातचीत की प्रक्रिया शुरू हुई है.  मैं और राहुल इसका हिस्सा नहीं हो सकते.  मेरा नाम बैठक के लिए गलती से शामिल हो गया था.

गांधी परिवार का कोई व्यक्ति अध्यक्ष नहीं बनेगा

जान लें कि  इस्तीफा देते समय राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप ते कहा था कि गांधी परिवार का कोई व्यक्ति अध्यक्ष नहीं बनेगा और वह इसके चयन की प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे. बता दें कि कांग्रेस कार्य समिति की बैठक की शुरुआत में पार्टी संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी, अहमद पटेल, एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे तहित अन्य नेता शामिल हुए.

खबर है कि बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष  चुनने के लिए पांच कमेटियों का गठन किया गया. ये कमेटियां  देश भर में जाकर कार्यकर्ताओं से रायशुमारी करेंगी.  सभी की राय जानने के बाद   कांग्रेस  अध्यक्ष का चुनाव किया जायेगा. इसमें एक कमेटी में सोनिया गांधी शामिल है.

हालांकि कमेटी में नाम शामिल होने पर सोनिया गांधी ने कहा कि  गलती से  ऐसा हुआ. वहीं राहुल गांधी ने कहा कि वे दो दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड जा रहे हैं.  सोनिया और राहुल गांधी के बाहर निकल जाने के बाद फिर से कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक शुरू हो चुकी है जिसमें प्रियंका गांधी मौजूद थीं.

पूर्वोत्तर क्षेत्र की कमेटी

अहमद पटेल,  अंबिका सोनी, हरीश रावत, ओमान चांडी, दीपक बाबरिया, बालासाहब थोराट, अनुग्रह नारायण सिंह, मीरा कुमार, अरुण यादव और सचिन राव, केएच मुनियप्पा, एल फेलेरियो

पश्चिमी क्षेत्र की कमेटी

गुलाम नबी आजाद, मोतीलाल वोरा, एके एंटिनी  मल्लिकार्जुन खड़गे,  के सिद्दरमैया, जितिन प्रसाद, कुलदीप विश्नोई, श्रीनिवास बीवी और गौरव गोगोई

दक्षिणी क्षेत्र की कमेटी

अधीर रंजन चौधरी, रणदीप सुरजेवाला, मनमोहन सिंह, आनंद शर्मा, मुकुल वासनिक, तारिक हमीद कारा, लालजी देसाई, नीरज कुंडल और राजीव सातव

 पूर्व क्षेत्र की कमेटी

केसी वेणुगोपाल, जितेंद्र सिंह, आरपीएन सिंह,  तरुण गोगोई, कुमारी शैलजा, पीएल पुनिया, शक्ति सिंह गोहिल, दीपेंद्र हुड्डा और सुस्मिता देव

उत्तरी क्षेत्र की कमेटी

प्रियंका गांधी वाड्रा,  पी चिदंबरम, ज्योतिरादित्य सिंधिया, अविनाश पांडेय, ताम्रध्वज साहू, रघुवीर मीणा, पीसी चाको, आशा कुमारी, जी संजीव रेड्डी और रजनी पाटिल

इसे भी पढ़ें- 370 पर बौखलाये पाकिस्तान ने अब दिल्ली-लाहौर बस सेवा निलंबित की

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
झारखंड की बदहाली के जिम्मेदार कौन ? भाजपा, झामुमो या कांग्रेस ? अपने विचार लिखें —
झारखंड पांच साल से भाजपा की सरकार है. रघुवर दास मुख्यमंत्री हैं. वह हर रोज चुनावी सभा में लोगों से कह रहें हैं: झामुमो-कांग्रेस बताये, राज्य का विकास क्यों नहीं हुआ ?
झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन कह रहें हैं: 19 साल में 16 साल भाजपा सत्ता में रही. फिर भी राज्य का विकास क्यों नहीं हुआ ?
लिखने के लिये क्लिक करें.

you're currently offline

%d bloggers like this: