न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

CWC घर से उठा ले गयी थी बच्चों को, मां बोली- बच्चे वापस नहीं मिले, तो आत्महत्या कर लूंगी, CWC बोली- मां के पास नहीं जाना चाहते बच्चे

128

Ranchi : 28 अगस्त को बरियातू के एक घर में अपनी नानी, मौसी और मां के साथ रह रहे दो बच्चों को सीडब्ल्यूसी द्वारा जबरन उठा लिये जाने और दोनों बच्चों को उसकी मां को वापस नहीं देने के मामले में दोनों बच्चों की मां ने कहा है कि अगर मेरा बच्चा मुझे वापस नहीं दिया गया, तो मैं आत्महत्या कर लूंगी. वहीं, दूसरी तरफ सीडब्ल्यूसी का कहना है कि बच्चे मां के पास जाना ही नहीं चाहते हैं. बच्चे मां को देखकर डर जाते हैं.

इसे भी पढ़ें- मेरे आवास पर पुणे पुलिस के द्वारा की गई तलाशी, अवैध एवं अमानवीय थी – स्टेन स्वामी

क्या है मामला

hosp3

जानकारी के मुताबिक, रीता कुमारी की शादी सुनील कुमार नामक युवक से हुई थी. इसके पूर्व रीता की शादी दूसरी जगह पर हुई थी. वहां उसके साथ अक्सर मारपीट की जाती थी. इससे परेशान होकर उसने तलाक ले ली थी. बाद में सुनील कुमार ने उसके दोनों बच्चों को अपना भी लिया था. 28 अगस्त को बरियातू की रहनेवाली रीता जब अपनी मां के साथ  बाजार गयी थी, तभी सीडब्ल्यूसी की टीम वहां पहुंची और उनके दोनों बच्चों को उठा लिया. इसके बाद उसे सीडब्ल्यूसी में ले गये और फिर वहां से करुणा आश्रम में भेज दिया गया.

इसे भी पढ़ें- रांचीः पंडरा के बनहोरा मैदान को लेकर विवाद, दावा ठोंक रहे पक्ष का ग्रामीणों ने किया विरोध

कौन ऐसा बच्चा है, जो मां के पास नहीं जाना चाहेगा

बच्चे की मां रीता का कहना है कि कौन ऐसा बच्चा होगा, जो अपनी मां के पास जाना नहीं चाहेगा. सीडब्ल्यूसी सिर्फ झूठ बोल रही है. मेरे दोनों बच्चों को सीडब्ल्यूसी लौटाना नहीं चाह रही है. इसलिए इस तरह की मनगढ़ंत बातें उनके द्वारा की जा रही हैं. इन लोगों ने साजिश के तहत मेरे दोनों बच्चों को घर से जबरन उठा लिया है.

इसे भी पढ़ें- IAS अफसरों का बड़ा तबका महसूस कर रहा असहज, ऑफिसर ने बर्खास्त होना समझा मुनासिब, लेकिन वापसी मंजूर…

नहीं हुई कोई कार्रवाई

रीता कुमारी ने बच्चों को पाने के लिए बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर को पत्र लिखा था. पत्र में उन्होंने लिखा, “मैं रीता कुमारी, पति सुनील कुमार सदर थाना क्षेत्र की रहनेवाली हूं. मैं 28 अगस्त को अपनी मां के साथ बाजार गयी थी, उसी क्रम में बाल कल्याण समिति के लोग मेरे घर आये और दोनों बच्चों को उठाकर ले गये. जब घर पहुंची, तो कहा गया कि बच्चों को बाल कल्याण समिति ले गयी है. जब मैं बाल कल्याण समिति पहुंची और बच्चों को ले जाने लगी, तो अधिकारियों ने मुझे ऑफिस से निकाल दिया. मैंने बताया भी कि दोनों बच्चे मेरे हैं, जिनका जन्म प्रमाण पत्र मेरे पास है.” इसके बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई.

इसे भी पढ़ें- रांची के मनातू में नक्सलियों का आतंकः क्रशर कैंप पर हमला, कई वाहनों को फूंका

बच्चे नहीं मिलेंगे, तो आत्महत्या कर लूंगी

रीता कुमारी ने का कहना है कि उन्हें बार-बार सीडब्ल्यूसी के सदस्यों द्वारा डांटा जा रहा है. वह कई बार अधिकारियों व सीडब्ल्यूसी के सदस्यों के पास गुहार लगा चुकी हैं. रीता ने कहा कि यदि उन्हें उनके बच्चे नहीं मिले, तो वह आत्महत्या कर लेंगी.

रीता लिखकर दे कि वह बच्चों को अपने साथ ही रखेगी, नानी के घर पर नहीं : सीडब्ल्यूसी

सीडब्ल्यूसी की रूपा कुमारी का कहना है कि बच्चे महिला के पास जाना ही नहीं चाहते हैं. दोनों बच्चे रीता को देखकर दूर से ही डर से सहम जाते हैं. ऐसे में यह जांच का विषय है. रीता कुमारी नाम की महिला कई बार आकर सीडब्ल्यूसी में 20 -25 महिलाओं के साथ हंगामा भी कर चुकी है. रीता कुमारी लिखित दे कि वह अपने बच्चों को अपने साथ रखेगी, तो उसे बच्चे दे दिये जायेंगे, लेकिन वह तो अपने पति के साथ अलग रहती है और अपने बच्चों को उनकी नानी के घर छोड़ देती है. आस-पड़ोस के लोगों से जानकारी मिली थी कि बच्चे भूखे रोड पर भीख मांगते हैं. इसके चलते बच्चे को देने में डर लग रहा है. मामले की जांच के बाद ही बच्चे लौटाये जायेंगे.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: