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सीआरपीएफ को है व्यवस्था को लेकर शिकायत, पुलिस कहती नहीं है कोई परेशानी, जानिए क्या है ग्राउंड रिपोर्ट

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Saurav Singh

Ranchi: सीआरपीएफ ने रांची और बोकारो में रहने, खाने और पीने की व्यवस्था को लेकर आला अधिकारियों तक बात पहुंचायी है. शिकायत के बाद पुलिस हेडक्वाटर की तरफ से रांची और बोकारो पुलिस से सफाई मांगी गयी. दोनों जिलों के एसपी ने जो रिपोर्ट सौंपी है, उससे साफ होता है कि सीआरपीएफ को रहने या फिर किसी तरह की और दिक्कत नहीं थी.

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पुलिस ने उल्टा सीआरपीएफ पर ही सही तरीके से और सही प्लेटफॉर्म पर बात न रखने का आरोप लगाया है. अधिकारियों के बीच इस मामले को लेकर बहस हो रही है. गलती किसकी और क्यों है इस पर हाइप्रोफाइल तरीके से बात हो रही है.

इसी बीच न्यूज पहुंचा खेलगांव स्थित होटवार स्टेडियम. यहां चुनाव के दौरान राज्य में आये सुरक्षा बलों को ठहराया गया है. इसमें सीआरपीएफ और झारखंड के अलग-अलग जिलों से आये जिला बल के जवान ठहरे हुए हैं. मतदान के लिहाज से जवानों की आवाजाही लगातार यहां लगी हुई है.

न्यूज विंग ने वहां पहुंच कर जानना चाहा आखिर कैसी है वो व्यवस्था जिसकी शिकायत जवान कर रहे हैं. जानिए उन बातों को जिसकी वजह से हो रही परेशानी.

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जवानों से बात करने के दौरान उन्होंने अपनी तकलीफ तो बतायी. लेकिन कैमरे के सामने आने से कतराये. उनका कहना था कि नाम न बताने की शर्त पर ही वो बात करेंगे. इसलिए यहां किसी का नाम या तस्वीर नहीं दी जा रही है. यहां आठ तारीख से ही जवानों को रखा गया है. उस दिन से लेकर आज तक स्थिति सुधारने की कोशिश नहीं की गयी है.

शौचालय से आ रही थी बदबू

शौचालय की व्यवस्था पर जवानों ने कहा कि ऐसा लगता है कि जैसे हम नरक में हों. आपको शौच लगी है, शौचालय भी है, लेकिन आप जा नहीं सकते. क्योंकि हर वक्त यहां पानी नहीं आता. पानी नहीं रहने की वजह से शौचालय से बदबू आती रहती है. शौचालय की तस्वीर लेते वक्त ऐसा लगा जैसे वाकई उल्टी आ जायेगी.

खाने की नहीं है कोई व्यवस्था

जवानों ने कहा कि यहां खाने-पीने का कोई इंतजाम नहीं है. भूख लगती है तो खुद से ही इंतजाम करना पड़ता है. स्टेडियम से बाहर निकल कर खाना पड़ता है. कुछ जवानों ने कहा कि घर से लाया सत्तू और दूसरी चीजों से गुजारा करना पड़ता है. बात-चीत के दौरान पता चला कि खाने के लिए एक कैंटीन खुली थी, लेकिन वो भी मंगलवार की शाम को ही बंद हो जायेगा. कैंटीन में चालीस रुपये में भोजन कराया जाता था.

ठंड में सोने को हैं मजबूर

जवानों ने कहा कि उन्हें इस ठंड में खुले में ही सोना पड़ रहा है. जमीन पर सिर्फ एक पतली सी कोई चादर या प्लास्टिक पर ही सोना पड़ता है. जहां वो सोते हैं, वो दो तरफ से खुला हुआ है. ठंड में रात किसी तरह काटनी पड़ रही है. ठंड लगने की वजह से कई जवानों की तबियत बिगड़ती देखी गयी.

पीने तक का पानी नहीं

जवानों ने कहा कि खाना खाने तो बाहर जा सकते हैं, लेकिन पानी पीने के लिए बार-बार कैसे बाहर जा सकते हैं. एक-दो बोलत साथ में लाते हैं. लेकिन बाकी साथियों के साथ साझा करना पड़ता है. यहां लगे नल में पानी कभी कभी ही आता है.

शिकायत नहीं कर सकते, कार्रवाई का डर

कुछ जवानों ने कहा कि मीडिया को इस मामले को अच्छे से प्रकाशित करना चाहिए. लेकिन किसी का नाम नहीं आना चाहिए. नाम आयेगा तो उन पर कार्रवाई हो सकती है. इसी डर से वो इस परेशानी की शिकायत कहीं नहीं कर पा रहे हैं. शिकायत करेंगे तो निश्चित तौर पर गाज उन्हीं पर गिरेगी. ऐसे में उन्होंने कहा कि हम मजबूर हैं. मीडिया हमारी मदद करे.

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जानिए क्या कहते हैं जवान

न्यूज़ विंग संवाददाता खेलगांव स्थित होटवार स्टेडियम में दोपहर करीब 2:15 बजे से लेकर दोपहर के 3:30 बजे तक रहे. इस दौरान करीब 20 से 25 जवानों से बात की गयी. नाम नहीं छापने की शर्त पर जवानों ने अपने साथ हो रही परेशानी की बात कही जानिए क्या कहते हैं जवान-

पहला जवान: खेलगांव के होटवार स्थित स्टेडियम में जहां जवानों को ठहराया गया है स्टेडियम के ऊपर जाने के दौरान सीढ़ी पर एक जवान मिला, जिसने खुद को सीआरपीएफ का बताया. उसने कहा कि खाने-पीने की सही व्यवस्था नहीं है. खुद के रुपये से बाहर जाकर खाना पड़ रहा है.

दूसरा जवान: ये जवान नाम नहीं छापने की शर्त पर कहते हैं कि हम झारखंड जिला बल से हैं. आप लोग देख ही रहे हैं किस स्थिति में यहां हम लोग ठहरे हैं. बगल में शौचालय ज़रा जाकर देखिए कितना दुर्गंध आ रहा है. खाने के लिए स्टेडियम के बाहर जाना पड़ रहा है.

तीसरा जवान: 8 तारीख को यहां आये हैं स्टेडियम के गलियारे में हम लोगों को रखा गया है. रात में ठंडी हवा के कारण काफी ठंड लगती है, लेकिन क्या करें मजबूरी में ड्यूटी करनी पड़ रही है.

चौथा जवान: सीआरपीएफ के जवान हैं. यहां की विधि व्यवस्था के बारे में उसने बताया कि आप लोग मीडिया से हैं आप लोगों को तो प्रमुखता से झांकना चाहिए ताकि हम लोगों की परेशानी कम हो. देख ही रहे हैं क्या स्थिति है खाने से लेकर पीने के पानी तक की किल्लत झेलनी पड़ रही है. हम लोग का कमान कट गया है चुनाव ड्यूटी में जा रहे हैं.

पांचवा जवान: झारखंड जिला बल के जवान हैं. इनसे जब बात की गयी तो पहले उन्होंने यहां की परेशानी के बारे में बोलने से इंकार कर दिया और कहा कि हमसे नहीं मेरे सीनियर से इसको लेकर बात कीजिए, लेकिन फिर नाम नहीं छापने की शर्त पर उन्होंने बताया कि देख ही रहे हैं ऐसे कौन सा इंसान रहता है. जो हालात है यहां का देख कर ही आपको सारी बात का पता चल गया होगा.

छठा जवान: इनसे जब बात की गयी तो उन्होंने कहा कि खाने और पीने की तो दिक्कत है ही इसके अलावा शौचालय की भी बहुत दिक्कत है. नाम मत लिख दीजिएगा, हमलोग को ही दिक्कत हो जायेगा.

सातवां जवान: इस जवान का कमान कट चुका था और जाने कि हड़बड़ी में था. आगे बढ़ते हुए उन्होंने बताया कि न खाने का सही व्यवस्था है और न पीने के पानी का. आप लोग इसको प्रमुखता से छापें ताकि हम लोग का दिक्कत कम हो.

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Ranchi Police 11/1/2020

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