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सीआरपीएफ डीजी पहुंचे पलामू, लोकसभा चुनाव से पहले तेज होगा नक्सलियों के खिलाफ अभियान

अलंकरण समारोह में हुए शामिल, 32 सीआरपीएफ और नौ पुलिस पदाधिकारियों को किया सम्मानित

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Palamu:  लोकसभा चुनाव से पहले झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान तेज किया जायेगा. सीआरपीएफ डीजी राजीव राय भटनागर ने गुरुवार को पलामू में अभियान की रूपरेखा तैयार की. सीआरपीएफ डीजी आज एक दिवसीय पलामू दौरे पर पहुंचे थे. उनके साथ एडीजी अभियान मुरारी लाल मीणा, एडीजी सीआरपीएफ दीपक कुमार, आईजी सीआरपीएफ संजय आनंद लाटकर भी थे. पूर्वाहन में हेलीकाप्टर से सीआरपीएफ डीजी श्री राय चियांकी हवाई अड्डे पर उतरे. यहां सीआरपीएफ और पुलिस के वरीय अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. यहां से सड़क मार्ग द्वारा सीआरपीएफ 134 बटालियन मुख्यालय में आयोजित अलंकरण समारोह में भाग लिया.

छह लाख नगद पुरस्कार दिये गये

अलंकरण समारोह में सीआरपीएफ डीजी श्री राय ने हाल के दिनों में नक्सल अभियान में अहम भूमिक निभाने वाले और जिले से नक्सलियों का सफाया करने वाले 32 सीआरपीएफ और नौ जिला पुलिस के पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र और कैस रिवार्ड देकर सम्मानित किया. सीआरपीएफ की ओर से 3 लाख और झारखंड डीजीपी की ओर से 3 लाख का नकद पुरस्कार दिया.

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कौन-कौन किये गये सम्मानित

महानिदेशक ने गत 7 फरवरी 2018 को जिले के झुनझुनु पहाड़ी, 26 फरवरी को मलंगा पहाड़ और 28 मई को डुंडूर में नक्सलियों के खिलाफ मिली सफलता के लिए 42 अधिकारियों और जवानों को सम्मानित किया. महानिदेशक ने डीआईजी विपुल शुक्ला, एसपी इन्द्रजीत माहथा, कमांडेंट ए.डी शर्मा, टूआईसी अरविंद त्रिपाठी, एएसपी अरुण सिंह, डीएसपी शंभु सिंह, डीएसपी विमलेश त्रिपाठी और छत्तरपुर के एएसआई नागेन्द्र कुमार को सम्मानित किया.

तीन वर्षों में सिमट कर रह गया है नक्सलवाद

सीआरपीएफ महानिदेशक ने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के कारण नक्सलवाद सिमट कर रह गया है. प्रशासन और पुलिस की पहुंच गांव-गांव बढ़ी है. नक्सलवाद पर लगाम लगने के बाद विकास के दरवाजे खुल गये हैं. जिन इलाकों में लंबे समय तक प्रशासिक पहुंच नहीं हो पायी थी, वहीं सड़क, पुल, सिंचाई, बिजली, स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को पहुंचाने में मदद मिली है.

सीमावर्ती इलाकों को सेनेटाइज्ड करने का कार्य युद्धस्तर पर

उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ और जिला पुलिस आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर नक्सलवाद के पूर्ण सफाये के लिए काम कर रही है. उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव को चुनौती के रूप में लिया गया है. सीमावर्ती इलाकों को सेनेटाइज्ड करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है.

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