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सुषमा स्वराज के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़, तीन बजे होगा अंतिम संस्कार

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New Delhi: भारतीय जनता पार्टी की दिग्गज नेता और भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का हार्ट अटैक के बाद दिल्ली स्थित ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) में निधन हो गया. उनकी हालत बेहद नाजुक थी, उन्हें रात 9 बजे एम्स लाया गया था और तत्काल इमर्जेंसी वार्ड में रखा गया था. लेकिन डॉक्टर उन्हें काफी कोशिशों के बाद भी बचा नहीं सके.

अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़

देर रात उनके पार्थिव शरीर को जंतर-मंतर स्थित उनके आवास पर लाया था. जहां पार्टी के कई लोग मौजूद रहे. वहीं बुधवार को अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर को सुबह उनके घर पर रखा गया है जहां लोगों की भीड़ उमड़ी हुई है. जिसके बाद दोपहर 12 बजे उनके पार्थिव शरीर को पार्टी दफ्तर ले जाया जायेगा. और फिर दोपहर 3 बजे लोधी रोड शवदाह गृह में उनका अंतिम संस्कार होगा.

सुषमा स्वराज के घर पर उनको श्रद्धांजलि देने के लिए लोग पहुंच रहे हैं. और कुछ देर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और गृह मंत्री अमित शाह भी उनके घर श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे. सभी ने सुषमा स्वराज की मृत्यु पर शोक जताया है.

सुषमा स्वराज का आखिरी ट्वीट

कुछ घंटे पहले ही उन्होंने ट्वीट कर प्रधानमंत्री मोदी को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने पर बधाई दी थी. उन्होंने लिखा था- प्रधान मंत्री जी – आपका हार्दिक अभिनन्दन. मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी.

राहुल गांधी ने जताया दुख

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि सुषमा एक ऐसी अदभुत नेता थीं जिनके सभी पार्टियों के लोगों से मित्रवत रिश्ते थे. गांधी ने ट्वीट कर कहा कि सुषमा स्वराज जी के निधन के बारे में सुनकर स्तब्ध हूं. वह एक अद्भुत नेता थीं जिनकी पार्टी लाइन से इतर मित्रता थी.

उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदना है. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें… ऊॅं शांति.

सुषमा स्वराज का एक परिचय

सुषमा स्वराज मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में विदेश मंत्री थीं. वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में भी मंत्री रही थीं। 16वीं लोकसभा में वह मध्य प्रदेश के विदिशा से सांसद चुनी गई थीं. इस बार उन्होंने खराब स्वास्थ्य की वजह से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था. विदेश मंत्री रहते हुए वह सोशल मीडिया पर शिकायतों को सुनने और उनके निपटारे के लिए काफी लोकप्रिय थीं. वह दिल्ली की मुख्यमंत्री भी रह चुकी हैं.

 

 

 

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